झारखंड में कानून-व्यवस्था चरमराई, 39 डीएसपी की पोस्टिंग लंबित: आजसू ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना

झारखंड में कानून-व्यवस्था चरमराई, 39 डीएसपी की पोस्टिंग लंबित: आजसू ने हेमंत सरकार पर साधा निशाना

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रांची : ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि झारखंड में बढ़ते अपराधों के बावजूद सरकार 39 प्रशिक्षित पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) की पोस्टिंग में उदासीनता दिखा रही है। आजसू के महासचिव और हजारीबाग लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी संजय मेहता ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

अपराध के आंकड़े चिंताजनक

संजय मेहता ने अपने पत्र में बताया कि जनवरी 2025 से जून 2025 के बीच झारखंड में 661 हत्याएं और 922 बलात्कार की घटनाएं दर्ज की गई हैं। यह आंकड़ा झारखंड पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जुलाई से सितंबर 2025 तक का अपराध डेटा सरकार ने अभी तक जारी नहीं किया है, जो संभवतः और भी भयावह हो सकता है। मेहता ने कहा, “लगातार बढ़ रही हत्या, बलात्कार और भूमि विवाद से जुड़े अपराधों ने जनता में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।”

39 डीएसपी प्रतीक्षारत, सरकार की उदासीनता

आजसू ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बताया कि 7वीं से 10वीं जेपीएससी के माध्यम से चयनित 39 डीएसपी, जिन्होंने अपना प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, पिछले दो वर्षों से पदस्थापन की प्रतीक्षा में हैं। ये अधिकारी केवल “प्रशिक्षु” के रूप में कार्य कर रहे हैं, जिससे उनके कौशल का राज्य हित में उपयोग नहीं हो पा रहा है। मेहता ने कहा, “एक तरफ राज्य में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं, दूसरी तरफ प्रशिक्षित डीएसपी बिना जिम्मेदारी के बैठे हैं। यह सरकार की नाकामी को दर्शाता है।”

सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग

संजय मेहता ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इन 39 डीएसपी को तत्काल फील्ड में तैनात किया जाए ताकि कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा, “प्रशिक्षित अधिकारियों को फाइलों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपराध नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर देना चाहिए।” आजसू ने सरकार से सभी उपलब्ध मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की अपील की है।

आजसू का सरकार पर हमला

आजसू ने कहा कि हेमंत सरकार सभी मोर्चों पर विफल साबित हो रही है। पार्टी ने जनमुद्दों को उठाने और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया। संजय मेहता ने कहा, “आजसू आंकड़ों के आधार पर सरकार की नाकामियों को उजागर करती रहेगी और जनता की आवाज को बुलंद करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।”

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