दुर्गापूजा 2025: जिला प्रशासन के कुशल प्रबंधन से भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन

राज्य सरकार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने दुर्गापूजा 2025 के आयोजन को भव्य, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए अपनी सक्रियता और समर्पण के साथ सभी तैयारियाँ पूर्ण कीं। इस पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और जनसुविधाओं के लिए व्यापक इंतजाम किए गए, जिसके परिणामस्वरूप यह आयोजन न केवल भक्तिमय रहा, बल्कि पूरी तरह से सुरक्षित और सुव्यवस्थित भी रहा।

जिला प्रशासन की प्रमुख व्यवस्थाएँ
विधि-व्यवस्था और सुरक्षा
जिला प्रशासन ने पूजा पंडालों और प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए। सीसीटीवी मॉनिटरिंग के माध्यम से निरंतर निगरानी सुनिश्चित की गई, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को प्रभावी ढंग से रोका जा सका।
पंडालों में सुविधाएँ
सभी पूजा पंडालों में बिजली, पेयजल और साफ-सफाई की उत्तम व्यवस्था की गई। भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष उपाय किए गए, जिससे श्रद्धालुओं को माँ दुर्गा के दर्शन में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
ट्रैफिक प्रबंधन
त्योहार के दौरान सड़कों पर यातायात को सुचारू रखने के लिए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन किया गया। इससे श्रद्धालुओं और आम जनता को आवागमन में सहूलियत हुई।
मूर्ति विसर्जन
मूर्ति विसर्जन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई। विसर्जन प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण
पूजा स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाए गए। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।

सहयोगियों को प्रशासन का आभार
जिला प्रशासन ने इस आयोजन की अभूतपूर्व सफलता का श्रेय सभी पूजा आयोजन समितियों, सर्वधर्म केंद्रीय शांति समिति, मीडिया बंधुओं और समाज के प्रबुद्ध व्यक्तियों को दिया। उनके सक्रिय सहयोग और समन्वय के बिना इतना भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन संभव नहीं था। प्रशासन ने सभी सहयोगियों को हार्दिक बधाई और आभार व्यक्त किया।

जिला प्रशासन का संकल्प
जिला प्रशासन ने कहा, “दुर्गापूजा 2025 का आयोजन हमारी एकता, समर्पण और सामुदायिक भावना का प्रतीक है। हम सभी के सहयोग से इस पर्व को न केवल भक्तिमय, बल्कि सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में सफल रहे। भविष्य में भी हम इसी तरह के सामूहिक प्रयासों के साथ उत्सवों को और बेहतर बनाएंगे।”



















