प्रशांत किशोर पर दो वोटर आईडी का बड़ा विवाद: बिहार-बंगाल दोनों में नाम दर्ज, चुनाव आयोग ने शुरू की जांच
पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक एक हफ्ते पहले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर एक नए राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। दावा किया जा रहा है कि उनके पास बिहार और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों के वोटर आईडी कार्ड हैं, जिससे सियासी हंगामा मच गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, प्रशांत किशोर का नाम पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र (भाग 220, कोलकाता) में दर्ज है। यह रजिस्ट्रेशन 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया था, जब किशोर ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ चुनावी रणनीति बना रहे थे। वहीं, बिहार में उनका वोटर आईडी सक्रिय है।
जन सुराज पार्टी ने विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि प्रशांत किशोर ने 2021 में पश्चिम बंगाल में काम के सिलसिले में अस्थायी निवास के आधार पर वोटर आईडी बनवाई थी, जो नियमों के अनुरूप था। 2022 में बिहार लौटने और जन सुराज की स्थापना के बाद उन्होंने चुनाव आयोग को आवेदन देकर बंगाल की सूची से नाम हटाने और बिहार में जोड़ने का अनुरोध किया था। पार्टी प्रवक्ता सौरभ सिंह ने कहा, “यह आवेदन पहले ही जमा हो चुका है। अगर प्रोसेसिंग में देरी हुई है, तो यह आयोग की जिम्मेदारी है, न कि प्रशांत किशोर की।

















