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हेमंत सोरेन की कार्यशैली का अनुसरण कर रहे राज्य के भ्रष्ट पुलिस अधिकारी : बाबूलाल मरांडी

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड पुलिस के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई भ्रष्ट पुलिस अधिकारी मुख्यमंत्री की कार्यशैली का अनुसरण करते हुए कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

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मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन ने सत्ता में आने के बाद सियासी विरोधियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने और उन्हें जेल भेजने का जो सिलसिला शुरू किया था, अब वही प्रवृत्ति राज्य के कुछ पुलिस अधिकारियों में भी दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अफसर अब कानून को अपनी जेब में रखकर मनमानी कर रहे हैं।

भाजपा नेता ने खूँटी जिले की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा, “खूँटी में तैनात एक दरोगा साहब ने बिहार के बेगूसराय में चल रहे अपने पैतृक भूमि विवाद में दूसरे पक्ष को झारखंड में अफीम की खेती के फर्जी केस में फंसा दिया। यह कानून के दुरुपयोग की पराकाष्ठा है।”

मरांडी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को चुप कराने और डराने का काम कुछ बेईमान अफसर कर रहे हैं, जबकि राज्य के गैर-संवैधानिक डीजीपी ने इसे “धंधा” बना लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब हेमंत सोरेन के संरक्षण और इशारे पर हो रहा है।

उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले तक सीआईडी में एसआईटी के नाम पर भूमि विवादों की जांच के बहाने व्यापक लूटपाट की जा रही थी और कई निर्दोष लोगों को डराकर धन वसूली की गई।

मरांडी ने मुख्यमंत्री से मांग की कि वे किसी ईमानदार अधिकारी से इन भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की सम्पत्ति की जांच कराएं। “हेमंत जी, अगर थोड़ी भी शर्म बची है, तो जांच कराइए ताकि जनता को पता चले कि इन्होंने कितनी काली कमाई की है,” उन्होंने कहा।

भाजपा नेता ने यह भी कहा कि दोषी दरोगा को निलंबित करना मात्र दिखावा है, क्योंकि कुछ महीने बाद वही अधिकारी दोबारा ड्यूटी पर लौट आते हैं और फिर वही गैरकानूनी गतिविधियां शुरू कर देते हैं।

मरांडी ने मुख्यमंत्री से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, “उसे सस्पेंड नहीं, बल्कि गिरफ्तार कर जेल भेजिए। इतनी कठोर सजा दीजिए कि पूरे झारखंड में एक उदाहरण स्थापित हो, ताकि कोई भी अधिकारी दोबारा कानून के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे।”

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