20201111 202219

नहीं रहे झारखंड आंदोलन के पुरोधा अखिल चंद महतो.

गिरीडीह, दिनेश.

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गिरीडीह : झारखंड मुक्ति मोर्चा के पुरोधा एवं शिबू सोरेन के परम मित्र तथा शिबू सोरेन के हूबहू चेहरा होने के कारण अखिल चंद महतो को दूसरा शिबू सोरेन के नाम से लोग जानते थे, जो आज पंचतत्व में विलीन हो गए। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे उन्होंने अपनी अंतिम सांस मंगलवार 12:00 बजे रात ली उनकी मृत्यु की खबर से एक तरफ पूरा गांव में मातम पसरा हुआ है तो दूसरी तरफ झारखंड मुक्ति मोर्चा की अपूरणीय क्षति पहुची है।

बता दें कि अखिल चंद महतो शिबू सोरेन के प्रारंभिक आंदोलन से लेकर अब तक साथ निभाया। बताया जाता है कि जब झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुप्रीमो शिबू सोरेन महाजनी प्रथा एवं सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आंदोलन छेड़े थे तब इन्हीं के मार्गदर्शन पर शिबू सोरेन ने शिवाजी समाज की स्थापना की थी तथा दिन भर शिवाजी समाज के के तहत गांव-गांव में लोगों को जागरूक करने के पश्चात शिबू सोरेन और अखिल चंद महतो दोनों ही एक ही बिस्तर में अखिल चंद महतो घर पोरैया आकर आराम करते थे।

लोगों के अनुसार जब झारखंड आंदोलन चरम पर था तब इनके ऊपर मुकदमा दर्ज हुआ और उन्हें जेल जाना पड़ा उसी दौरान इनके पिताजी की मौत हो गई उस समय जेल में बंद रहने के कारण दाढ़ी और बाल नहीं कटवा पाए क्योंकि जेल में इसकी सुविधा नहीं थी, परंतु जब वह घर आए तो उससे पहले ही इनकी मां की भी देहांत हो गई और वे अपने माता के भी अंतिम संस्कार में भाग नहीं ले पाए उसी दिन से उन्होंने प्रण लिया की अब हम बाल और दाढ़ी ता उमर नहीं कटवाएंगे जिसके कारण कुछ लोग इन्हें सेकेंड शिबू सोरेन और दाढ़ी बाबा के नाम से भी जानते थे।

अखिल चंद महतो और शिबू सोरेन महतो ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर 1973 में झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना हेतु डुमरी के घुजाडीह बागीचा में रूपरेखा तैयार किया था, क्योंकि शिवाजी समाज सामाजिक कुरीतियों के विरोध आंदोलन का नाम था तो वही अपनी राजनीतिक भागीदारी सुदृढ़ करने हेतु एक राजनीतिक पार्टी बनाने का निर्णय लिया गया जो आगे चलकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के नाम से जाने जाने लगा ।इसी दौरान स्वर्गीय बिनोद बिहारी महतो सीधी इनकी अच्छी ट्यूनिंग थी जिसके कारण सभी लोग इन्हें बड़े भाई के रूप में सम्मान करते थे।

आज भारी भीड़ के साथ लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी गई, इस दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय सिंह, जिला उपाध्यक्ष देग नारायण महतो, डुमरी प्रमुख यशोदा देवी, आजसू के केंद्रीय सचिव छक्कन महतो, पूर्व मुखिया राजकुमार महतो, पंचायत समिति सदस्य राजकुमार महतो, चैनपुर मुखिया राम प्रसाद महतो आजसू के चुरामन महतो, दयानंद प्रसाद महतो, देवनारायण महतो,  झारखण्ड कॉलेज के प्राचार्य धनेश्वर बिधार्थी, अशोक ओझा, सहित गिरिडीह धनबाद बोकारो हजारीबाग से आए हुए अन्य गणमान्य लोगों ने भी इनके अंतिम यात्रा में भाग लेते हुए श्रद्धा सुमन समर्पित किया। इस दौरान भारी भीड़ ने 2 मिनट का मौन रखकर इनके आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की इनके पुत्र संतोष कुमार महतो ने इन्हें मुखाग्नि दिया तत्पश्चात इनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया।

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