प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन बा (Hiraben Ba) का निधन पंचतत्व में विलीन हुई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन बा (Hiraben Ba) का निधन पंचतत्व में विलीन हुई

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modi mother Hiraben Ba Death

देश के लिए सुबह सुबह सुबह दो दुखद खबर आई है  पहली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माताजी का निधन हो गया दूसरी तरफ मशहूर क्रिकेटर ऋषभ पंत एक कार एक्सीडेंट में बुरी तरह जख्मी हो गए है । जाहिर है  नए साल से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माता हीराबा बेन के निधन पर पूरा देश शोकाकूल है । झारखंड के लगभग सभी नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। सबों ने प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी दिवंगत आत्मा के लिए प्रार्थना की है। ट्वीट कर लिखा है। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने लिखा है “माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की मां हीराबा के निधन का समाचार सुनकर मुझे गहरा दुःख हुआ। देश को यशस्वी नेतृत्व देने वाली एक तपस्वी व कर्मयोगी ‘माँ’ सदैव स्मरण की जायेगी। दुःख की इस घड़ी में प्रधानमंत्री जी एवं उनके परिजनों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूँ।

पंचतत्व में विलीन हो गईं प्रधानमंत्री मोदी की मां

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबा पंचतत्व में विलीन हो गईं हैं। पीएम मोदी ने अपने भाई के साथ मिलकर उन्हें मुखाग्नि दी है। हीराबेन मोदी का पार्थिव शरीर गांधीनगर के श्मशान घाट में लाया गया था, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी गई। पीएम मोदी की मां का निधन शुक्रवार तड़के अहमदाबाद के अस्पताल में हो गया। वह 100 साल की थीं। बुधवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मां हीराबा के निधन पर पीएण ने एक संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि हम इस कठिन समय में उनके लिए की गई प्रार्थनाओं के लिए सभी का धन्यवाद करते हैं। सभी से हमारा विनम्र अनुरोध है कि दिवंगत आत्मा को अपने विचारों में रखें और अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम और प्रतिबद्धताओं को जारी रखें। हीराबा को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

पीएम ने ट्वीट कर यह भी लिखा है कि “शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम… मां में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है। मैं जब उनसे 100वें जन्मदिन पर मिला तो उन्होंने एक बात कही थी, जो हमेशा याद रहती है कि काम करो बुद्धि से और जीवन जियो शुद्धि से। “

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