सिमडेगाः झारखंड की आत्मा के प्रहरी गोमके एन. ई. होरो की 17वीं पुण्यतिथि पर बाप जिलाध्यक्ष अमृत चिराग तिर्की ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा : झारखंड राज्य गठन आंदोलन के प्रखर योद्धा, आदिवासी स्वाभिमान के प्रतीक और झारखंडी अस्मिता के अग्रदूत गोमके स्व. एन. ई. होरो की 17वीं पुण्यतिथि पर आज सिमडेगा जिलेभर में श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। विभिन्न संगठनों, बुद्धिजीवियों और कार्यकर्ताओं ने उनके योगदान को याद कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर भारत आदिवासी पार्टी (बाप) के जिला अध्यक्ष अमृत चिराग तिर्की ने कहा, “होरो जी सिर्फ एक नेता नहीं थे, बल्कि झारखंड की आत्मा के सच्चे प्रहरी थे। उन्होंने आदिवासी समाज को अपनी पहचान, हक-अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई सिखाई। उनकी विरासत आज भी हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है और उनका संकल्प ही हमारा पथ है।”
अमृत चिराग तिर्की ने आगे कहा, “एन. ई. होरो का संघर्ष आज भी अधूरा है। जल-जंगल-जमीन की रक्षा, आदिवासी संस्कृति की सुरक्षा और समाज के स्वाभिमान को मजबूत करना आज भी उतना ही जरूरी है जितना उनके जमाने में था। हम उनके सपनों का झारखंड बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध हैं।”
जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में कार्यकर्ताओं ने एक स्वर से कहा कि झारखंड आंदोलन की चेतना, आवाज और आत्मा के रूप में गोमके एन. ई. होरो हमेशा जीवित रहेंगे। उनकी विचारधारा आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष का साहस और दिशा देती रहेगी।


















