सड़क दुर्घटना पीड़ितों को केंद्र देगी 1.5 लाख तक कैशलेस इलाज और मदद करने वालों को ₹25,000 का इनाम
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को केंद्र देगी 1.5 लाख तक कैशलेस इलाज और मदद करने वालों को ₹25,000 का इनाम
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नई दिल्ली, 17 दिसंबर : भारत में सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या बनी हुई हैं। साल 2023 में करीब 4.80 लाख सड़क हादसे हुए, जिनमें 1.72 लाख लोगों की जान गई। इनमें से कई मौतें समय पर इलाज न मिलने की वजह से हुईं। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने दो महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं – एक तो पीड़ितों को तुरंत कैशलेस इलाज और दूसरी मदद करने वाले गुड समारिटन को नकद प्रोत्साहन।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अगुवाई में ये योजनाएं अब पूरे देश में चल रही हैं, जो हजारों जानें बचा सकती हैं।
कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम 2025: गोल्डन ऑवर में जान बचाने का बड़ा कदम
यह योजना Cashless Treatment of Road Accident Victims Scheme, 2025 के नाम से जानी जाती है, जिसकी अधिसूचना 5 मई 2025 को जारी की गई और यह तुरंत प्रभावी हो गई। मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 162 के तहत यह अनिवार्य थी।
मुख्य विशेषताएं:कवरेज: मोटर वाहन से हुई किसी भी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक 1.5 लाख प्रति व्यक्ति दुर्घटना का कैशलेस इलाज।
अस्पताल: आयुष्मान
भारत-पंजीकृत सरकारी और निजी अस्पतालों सहित सभी नामित (डेजिग्नेटेड) अस्पतालों में सुविधा।
गैर-नामित अस्पताल में केवल स्थिरीकरण (स्टेबिलाइजेशन) तक इलाज।
फंडिंग: अगर दुर्घटना करने वाला वाहन इंश्योर्ड है, तो जनरल इंश्योरेंस कंपनियां भुगतान करेंगी। अन्य मामलों (अनइंश्योर्ड या हिट-एंड-रन) में केंद्र का मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड।
क्रियान्वयन: राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) का IT प्लेटफॉर्म इस्तेमाल होगा। राज्य सड़क सुरक्षा परिषदें नोडल एजेंसी। एक स्टीयरिंग कमिटी मॉनिटरिंग करेगी।
शर्तें: दुर्घटना की पुलिस को सूचना जरूरी। अगर इलाज 1.5 लाख से ज्यादा होता है, तो अतिरिक्त खर्च मरीज को वहन करना होगा।
यह योजना पहले चंडीगढ़ में पायलट के रूप में शुरू हुई और बाद में कुछ राज्यों में विस्तारित की गई। अब पूरे देश में लागू होने से ‘गोल्डन ऑवर’ (दुर्घटना के बाद पहला घंटा) में त्वरित इलाज संभव होगा, जिससे मौतों की संख्या 50% तक कम करने का लक्ष्य है।
राह-वीर (गुड समारिटन) योजना:
मदद करने वालों को प्रोत्साहन और सुरक्षालोग अक्सर कानूनी झंझट के डर से दुर्घटना पीड़ितों की मदद नहीं करते। इसे दूर करने के लिए राह-वीर योजना शुरू की गई है, जो गुड समारिटन को सम्मानित और सुरक्षित करती है।
मुख्य विशेषताएं:इनाम:
गंभीर घायल पीड़ित को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने और जान बचाने में मदद करने वाले को 25,000 नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र।
पहले की स्थिति: पहले यह इनाम 5,000 था, जिसे 2025 में बढ़ाकर ₹25,000 किया गया।
सीमाएं: एक व्यक्ति साल में अधिकतम 5 बार इनाम ले सकता है। अगर एक दुर्घटना में कई पीड़ित बचाए जाते हैं, तो प्रति पीड़ित 25,000 (अधिकतम ₹25,000 प्रति समारिटन)।
राष्ट्रीय स्तर: हर साल टॉप 10 राह-वीर को 1 लाख का विशेष पुरस्कार।
कानूनी सुरक्षा: गुड समारिटन को पुलिस पूछताछ या कानूनी कार्रवाई से पूर्ण छूट।
सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश भी लागू।
क्रियान्वयन: जिला स्तर पर कमिटी (डीएम की अध्यक्षता में) सत्यापन और पुरस्कार देगी। कई राज्य जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, झारखंड आदि में यह सफलतापूर्वक चल रही है।
मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में बताया कि 2024 में 1.8 लाख मौतें हुईं, जिनमें हेलमेट न पहनने से 30,000 और युवा आयु वर्ग (18-34 साल) के 66% मामले शामिल। इन योजनाओं से न केवल त्वरित इलाज मिलेगा, बल्कि समाज में मानवीयता और जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी।
क्या करें अगर दुर्घटना हो?
तुरंत 112 या पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल करें।
पीड़ित को नजदीकी नामित अस्पताल ले जाएं।
राह-वीर बनें – मदद करें, इनाम और सुरक्षा आपकी।

















