जलडेगा प्रखंड में सोनजोर नदी से अवैध बालू खनन पर ग्रामीणों का विरोध, माफिया बेखौफ
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : झारखंड के सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड में अवैध बालू तस्करी का मामला फिर सुर्खियों में है। प्रखंड के रेंगरबेड़ा, ढोढ़ीबहार और पोस्ट कोनमेरला गांव के ग्रामीणों ने सोनजोर नदी से बालू माफिया द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन और उठाव का विरोध किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि माफिया दिन हो या रात, खुलेआम नदी से ‘पीला गोल्ड’ कहे जाने वाले बालू का उठाव कर रहे हैं, जबकि प्रशासन मौन बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि बालू तस्कर नंबर प्लेट रहित ट्रैक्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं और कई जगहों पर बालू का बड़ा स्टॉक भी तैयार किया गया है। अनुमान के अनुसार, लगभग 66 ट्रैक्टर बालू का अवैध भंडारण किया गया है। माफिया ऊंचे दामों पर बालू बेच रहे हैं, जिससे स्थानीय निर्माण कार्य करने वाले ग्रामीण मजबूरन महंगे रेट पर बालू खरीदने को विवश हैं।
रेंगरबेड़ा, ढोढ़ीबहार और कोनमेरला के ग्रामीणों ने बालू तस्करों को नदी से बालू उठाने से रोकने की कोशिश की, लेकिन माफिया निडर होकर काम जारी रखे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सोनजोर नदी से इस तरह अवैध खनन जारी रहा तो नदी का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। इससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट सहित कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
ग्रामीणों ने जलडेगा थाना, प्रशासन और खनन विभाग से अवैध बालू खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इस संबंध में शंभू कुमार सिंह सहित कई ग्रामीणों ने आवाज उठाई है।
झारखंड में बालू खनन की समस्या नई नहीं है। सिमडेगा जिले में पहले भी विभिन्न नदियों से अवैध उठाव की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई का अभाव माफिया को बेखौफ बना रहा है। प्रशासन से उम्मीद है कि इस मामले में शीघ्र कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
















