लालू प्रसाद यादव और परिवार की मुश्किलें बढ़ सकतीं: नौकरी के बदले जमीन घोटाले में आज अदालत सुनाएगी आरोप तय करने का फैसला
नई दिल्ली : राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव तथा उनके परिवार के सदस्यों की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट आज सुबह 10:30 बजे कथित ‘नौकरी के बदले जमीन’ घोटाले में आरोप तय करने पर अपना महत्वपूर्ण फैसला सुना सकती है।
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने 19 दिसंबर 2025 को सुनवाई के दौरान कहा था कि आरोप तय करने संबंधी आदेश 9 जनवरी को सुनाया जाएगा। इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी एवं पूर्व बिहार मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, बेटियां मीसा भारती एवं हेमा यादव सहित कुल 103 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र (जबलपुर, मध्य प्रदेश) में ग्रुप-डी पदों पर नियुक्तियां नियमों को ताक पर रखकर की गईं। इन नौकरियों के बदले उम्मीदवारों या उनके परिजनों ने लालू परिवार के नाम या उनके सहयोगियों के नाम पर जमीन के टुकड़े हस्तांतरित किए। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि ये सौदे बेनामी संपत्तियों और भ्रष्टाचार की श्रेणी में आते हैं।
हालिया सुनवाई में सीबीआई ने अदालत को सूचित किया कि चार्जशीट में नामित 103 आरोपियों में से पांच की मौत हो चुकी है। गृह मंत्रालय ने पहले ही लालू प्रसाद यादव के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी दे दी है। समानांतर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी इस मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है।
यदि अदालत आरोप तय कर देती है, तो मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी और लालू परिवार को ट्रायल का सामना करना पड़ेगा। यह मामला बिहार की राजनीति पर भी गहरा असर डाल सकता है, क्योंकि तेजस्वी यादव विपक्ष के प्रमुख चेहरों में से एक हैं।


















