ईरान में विरोध प्रदर्शन उग्र, देशभर में इंटरनेट ठप, 45 की मौत
तेहरान : ईरान में आर्थिक संकट से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल गए हैं और हिंसक रूप ले चुके हैं। निर्वासित युवराज रजा पहलवी के बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की अपील के बाद हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। राजधानी तेहरान सहित करीब 50 से अधिक शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां लोग “जाविद शाह” और “मौत डिक्टेटर को” जैसे नारे लगा रहे हैं।
प्रदर्शनों के बीच ईरान सरकार ने देशभर में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं ठप कर दी हैं, जिससे जानकारी का प्रवाह रुक गया है। नेटब्लॉक्स जैसी मॉनिटरिंग एजेंसियों ने पुष्टि की है कि यह ब्लैकआउट प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश है।
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अब तक सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कम से कम 45 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2200 लोगों को हिरासत में लिया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में मरने वालों की संख्या और ज्यादा बताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर सरकारी इमारतों और वाहनों को आग लगा दी है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका शांतिपूर्ण विरोध करने वाले लोगों के साथ खड़ा है। उन्होंने ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की अपील भी की।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई या ज्यादा मौतें हुईं तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा और ईरान को “भारी कीमत” चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने इसे “लॉकड एंड लोडेड” स्थिति बताया।
निर्वासित युवराज रजा पहलवी ने ट्रंप का धन्यवाद किया और कहा कि प्रदर्शनकारियों की आवाज दुनिया सुन रही है। उन्होंने लोगों से प्रदर्शन जारी रखने की अपील की है।


















