राँची पुलिस ने किया बड़ा खुलासा: 12 वर्षीय लड़की के अपहरण की तथाकथित घटना साबित हुई फर्जी

राँची पुलिस ने किया बड़ा खुलासा: 12 वर्षीय लड़की के अपहरण की तथाकथित घटना साबित हुई फर्जी

राँची के कांके थाना क्षेत्र में 12 जनवरी 2026 को दर्ज एक संवेदनशील मामले में पुलिस ने गहन जांच के बाद सनसनीखेज खुलासा किया है। प्रेम नगर निवासी पुनम बाखला ने अपनी 12 वर्षीय बेटी के अपहरण का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

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शिकायत के अनुसार, दो बाइक सवार युवकों ने स्प्रे का इस्तेमाल कर बच्ची का अपहरण करने की कोशिश की और उसे जुमार नदी के पास गन्ना दुकान तथा कांके रिसॉर्ट के सामने से चारपहिया वाहन में ले जाने का प्रयास किया। चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने बच्ची को बचाया। इस आधार पर कांके थाना कांड संख्या 08/2026, दिनांक 12/01/2026 के तहत धारा 96/62 भा०न्या०सं० के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस की त्वरित और गहन जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तथा पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के मार्गदर्शन में वरीय पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-01 के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने पीड़िता के बताए मार्ग (प्रेम नगर से कांके रिसॉर्ट तक लगभग 3 किमी) के सभी सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की।

जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

जांच में पता चला कि बच्ची पैदल ही प्रेम नगर से कांके थाना चौक होते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंची थी। वहां से वह ऑटो (JH01CQ-8861) से घर वापस लौट रही थी, तभी उसके पिता ने बाजार टांड के पास उसे देख लिया।

असली वजह: रेबीज वैक्सीन का साइड इफेक्ट

अनुसंधान के दौरान पता चला कि बच्ची उसी दिन (12 जनवरी 2026) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कांके से रेबिज का चौथा डोज लगवाकर अपनी मां और छोटे भाई के साथ घर लौट रही थी। वैक्सीन के प्रभाव से वह अस्थायी रूप से मानसिक संतुलन खो बैठी और भटकते हुए स्वास्थ्य केंद्र के आसपास पहुंच गई। डॉक्टरों से संपर्क करने पर यह पुष्टि हुई कि रेबीज वैक्सीन के कुछ मामलों में ऐसी अस्थायी स्थिति (confusion/disorientation) संभव है।

ऑटो चालक से पूछताछ में भी यही बात सामने आई कि बच्ची स्वास्थ्य केंद्र के पास हल्की बेहोशी की स्थिति में रो रही थी। उसने ऑटो रोका और कहा कि उसके पास पैसे नहीं हैं, घर प्रेम नगर है, बाजार टांड के पास छोड़ दें।

सीसीटीवी फुटेज, ऑटो चालक एवं अन्य गवाहों के बयानों तथा चिकित्सकीय राय के आधार पर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 12 वर्षीय बच्ची के साथ किसी भी प्रकार का अपहरण या अपहरण का प्रयास नहीं हुआ। यह पूरी घटना वैक्सीन के साइड इफेक्ट के कारण हुई भ्रम की स्थिति थी।

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