NBEMS ने NEET-PG 2025 के क्वालिफाइंग कट-ऑफ में बड़ी कटौती की: अब आरक्षित श्रेणी के लिए 0 पर्सेंटाइल, जनरल के लिए 7 पर्सेंटाइल

NBEMS ने NEET-PG 2025 के क्वालिफाइंग कट-ऑफ में बड़ी कटौती की: अब आरक्षित श्रेणी के लिए 0 पर्सेंटाइल, जनरल के लिए 7 पर्सेंटाइल

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नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटों में भारी खालीपन को देखते हुए NEET-PG 2025 के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। देशभर में दूसरे राउंड काउंसलिंग के बाद भी 18,000 से अधिक MD/MS/PG सीटें खाली रह गई थीं, जिसके चलते स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है।

यह बदलाव तीसरे राउंड काउंसलिंग के लिए लागू किया गया है (सत्र 2025-26)। NBEMS ने 13 जनवरी 2026 को आधिकारिक नोटिस जारी कर संशोधित कट-ऑफ की जानकारी दी है।

संशोधित क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल और कट-ऑफ स्कोर (800 में से):

जनरल/EWS श्रेणी

पहले: 50वां पर्सेंटाइल (स्कोर 276)
अब: 7वां पर्सेंटाइल (स्कोर 103)

जनरल PwBD (दिव्यांग)

पहले: 45वां पर्सेंटाइल (स्कोर 255)
अब: 5वां पर्सेंटाइल (स्कोर 90)

SC/ST/OBC (आरक्षित श्रेणी, PwBD सहित)

पहले: 40वां पर्सेंटाइल (स्कोर 235)
अब: 0वां पर्सेंटाइल (स्कोर -40)

खास बात यह है कि नेगेटिव मार्किंग के कारण आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम कट-ऑफ -40 तय किया गया है। इसका मतलब है कि -40 अंक वाले अभ्यर्थी भी अब काउंसलिंग में हिस्सा ले सकते हैं और दाखिला प्राप्त कर सकते हैं।

यह फैसला NEET-PG 2025 परीक्षा के रिजल्ट (19 अगस्त 2025 को घोषित) के बाद आया है। NBEMS ने स्पष्ट किया है कि रैंक में कोई बदलाव नहीं हुआ है, केवल क्वालिफाइंग क्राइटेरिया को कम किया गया है ताकि अधिक सीटें भर सकें।

यह कदम डॉक्टरों की कमी और विशेषज्ञों की ट्रेनिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है, हालांकि कुछ चिकित्सा संगठनों ने इससे मेडिकल स्टैंडर्ड्स पर असर पड़ने की चिंता जताई है।

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