अंधविश्वास की भेंट चढ़ा एक परिवार: पलामू में डायन-बिसाही के शक में तिहरा हत्याकांड, दो भाइयों ने की तीन लोगों की निर्मम हत्या
पलामू : झारखंड के पलामू जिले में अंधविश्वास ने एक बार फिर अपनी क्रूरता दिखाई है। पांकी थाना क्षेत्र के कुसड़ी टोला पुरानी बथान गांव में डायन-विषाही (witchcraft) के अंधविश्वास के कारण एक ही परिवार के तीन सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस जघन्य वारदात में दो भाइयों ने टांगी और चाकू से हमला कर पति, पत्नी और उनके युवा बेटे की जान ले ली, जबकि परिवार की एक बेटी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घटना की शुरुआत 1 फरवरी 2026 की सुबह हुई, जब महेशी भुईयां (उम्र करीब 62 वर्ष) की बीमारी से मौत हो गई। उनके पुत्र रविंद्र भुईयां (30 वर्ष) और प्रमोद भुईयां (26 वर्ष) ने इस मौत को प्राकृतिक कारणों से नहीं, बल्कि पड़ोसी विजय भुईयां (50 वर्ष) और उनके परिवार द्वारा डायन-बिसाही (ओझा-गुनी) करने का आरोप लगाया। आक्रोश में आकर दोनों भाइयों ने विजय भुईयां, उनकी पत्नी हेवन्ती देवी उर्फ फुलवन्ती देवी (45 वर्ष) और बेटे छोटू कुमार (19 वर्ष) पर धारदार हथियारों से हमला कर उनकी हत्या कर दी। विजय की बेटी को भी गंभीर चोटें आईं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस अधीक्षक, पलामू के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी लेस्लीगंज श्री मनोज कुमार झा के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल गठित किया गया। दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की और अभियुक्तों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया। प्रमोद भुईयां के निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल टांगी भी बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों में रविंद्र भुईयां और प्रमोद भुईयां शामिल हैं।
इस मामले में पांकी थाना कांड संख्या-10/2026 दर्ज की गई है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 118(1)/118(2)/109(1)/351(3)/103(1)/3(5) और 3/4 डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पलामू पुलिस ने आमजन से अपील की है कि डायन-बिसाही जैसी कुप्रथा समाज के लिए घातक है। अंधविश्वास को जड़ से खत्म करने के लिए जागरूकता फैलाएं और ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत पुलिस को दें। समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है कि शिक्षा और वैज्ञानिक सोच से इस कलंक को मिटाया जाए।

















