सिमडेगा मंडल कारा का औचक निरीक्षण: भोजन गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन जांच
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मरियम हेमरोम ने मंगलवार को मंडल कारा का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान जेल में बंदियों को मिलने वाली भोजन की गुणवत्ता, मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया गया। निरीक्षण का उद्देश्य जेल मैनुअल के मानकों का पालन सुनिश्चित करना था।
निरीक्षण की शुरुआत रसोईघर से हुई, जहां सचिव ने बंदियों के लिए तैयार दाल, रोटी और सब्जी का स्वाद चखकर भोजन की गुणवत्ता की जांच की। जांच में भोजन संतोषजनक पाया गया और यह जेल मैनुअल के अनुसार तैयार किया जा रहा था। साथ ही, रसोईघर की स्वच्छता, खाद्य सामग्री के भंडारण और आवश्यक पदार्थों की उपलब्धता की भी गहन समीक्षा की गई।
इसके बाद निरीक्षण दल ने जेल के विभिन्न वार्डों का दौरा किया। बंदियों के रहने की व्यवस्था, साफ-सफाई, रोशनी, पेयजल और शौचालयों की स्थिति की जांच की गई। बंदियों के व्यक्तिगत सामान की तलाशी ली गई, लेकिन किसी भी वार्ड से कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। अधिकारियों ने बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और शिकायतों को सुना तथा उन्हें कानूनी सहायता और उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी।
सचिव मरियम हेमरोम ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी बीमारी की स्थिति में समय पर उपचार उपलब्ध हो सके। निरीक्षण में मेडिकल रिकॉर्ड, दवाइयों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की भी जांच की गई। इसके अलावा, जेल की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कवरेज, कर्मियों की तैनाती और आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक अजय कुमार, जेलर सहित अन्य जेलकर्मी मौजूद रहे। यह निरीक्षण जेल सुधार और बंदियों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

















