सिमडेगा मंडल कारा में विशेष जांच अभियान: बंदियों के साथ समान व्यवहार की पुष्टि
शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा : सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के आदेशों के अनुपालन में गुरुवार को सिमडेगा मंडल कारा में एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जेल में बंदियों के साथ जाति, धर्म, लिंग या किसी अन्य आधार पर कोई भेदभाव नहीं हो रहा है।
जांच दल का नेतृत्व जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार सिन्हा ने किया। उनके साथ पुलिस अधीक्षक एम. अर्शी, प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभात रंजन ज्ञानी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सूरजमणि कुमारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
जांच के दौरान दल ने प्रत्येक बंदी से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनके साथ होने वाले व्यवहार, भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और विधिक सहायता की उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी ली। सभी बंदियों ने एकमत होकर बताया कि जेल प्रशासन द्वारा उनके साथ समान व्यवहार किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भोजन, पढ़ाई-लिखाई और इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं में कोई भेदभाव नहीं होता। बंदी सामूहिक रूप से भोजन करते हैं, एक साथ पढ़ाई करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करते हैं।
अधिकारियों ने बंदी पुस्तिका का भी निरीक्षण किया, जिसमें बंदियों की जाति या धर्म से संबंधित कोई कॉलम नहीं पाया गया, हालांकि उनकी पहचान का उल्लेख किया गया था। यह जेल प्रशासन की निष्पक्षता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बंदियों ने यह भी बताया कि उनके पास अपने वकील हैं, जो उनके मामलों की पैरवी करते हैं। इसके अतिरिक्त, जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा नियुक्त विजिटर अधिवक्ता नियमित रूप से जेल का दौरा करते हैं और बंदियों को कानूनी सलाह व सहायता प्रदान करते हैं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि बंदियों को उनके विधिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जा रहा है।
जांच अभियान के समापन पर प्रधान जिला जज, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों ने मंडल कारा की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन द्वारा बंदियों के साथ संवेदनशीलता, समानता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ व्यवहार किया जा रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है।

















