धनबाद : कुलपति को जमीन पर बैठाया, छात्रों ने घेरा विश्वविद्यालय; 11 सूत्री मांगों पर लिखित आश्वासन के बाद थमा हंगामा

धनबाद: बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान उस वक्त माहौल गरमा गया, जब आंदोलनकारी छात्रों ने कुलपति को घेर लिया और उन्हें जमीन पर बैठना पड़ा। विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं और शैक्षणिक कार्यों से जुड़ी 11 सूत्री मांगों को लेकर AISA के नेतृत्व में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कुलपति को छात्रों के बीच बैठकर उनकी बातें सुननी पड़ीं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से कई बुनियादी और शैक्षणिक समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन उनका अपेक्षित समाधान नहीं हो रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बिजली-पानी की नियमित व्यवस्था, कक्षाओं में पर्याप्त फर्नीचर, लंबित शैक्षणिक सत्रों को समय पर पूरा करने और रुके हुए परीक्षा परिणाम जल्द जारी करने की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों ने LLM पाठ्यक्रम शुरू करने और लाइब्रेरी के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। इसके अलावा विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध बताए जा रहे करीब 77 करोड़ रुपये के फंड को लेकर भी छात्रों ने पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।

पहले नारेबाजी, फिर कुलपति का घेराव
AISA के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य ब्लॉक के सामने पहुंचे। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब छात्रों ने कुलपति को घेर लिया और मांगों के समाधान के लिए तत्काल लिखित आश्वासन देने की मांग शुरू कर दी।
छात्रों के दबाव के बीच कुलपति को जमीन पर बैठकर आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत करनी पड़ी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच कई घंटे तक बातचीत चली।

लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
लंबी बातचीत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रों की मांगों पर लिखित आश्वासन दिया गया। इसमें लंबित परीक्षा परिणामों की समीक्षा, बुनियादी सुविधाओं में सुधार और LLM पाठ्यक्रम से जुड़े प्रस्ताव पर कार्रवाई सहित विभिन्न मांगों पर कदम उठाने की बात कही गई है।
हालांकि, छात्रों ने साफ कर दिया कि लिखित आश्वासन को आंदोलन की अंतिम जीत नहीं माना जाएगा। AISA का कहना है कि असली परीक्षा अब प्रशासन की कार्रवाई की है।

15 दिन में कार्रवाई नहीं तो फिर आंदोलन
छात्र संगठन ने प्रशासन को 15 दिनों का समय देने की बात कही है। संगठन के अनुसार, अगर इस अवधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो विश्वविद्यालय में दोबारा आंदोलन तेज किया जाएगा।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सभी 11 मांगों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि लिखित आश्वासन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन कितनी तेजी से इन मांगों पर कार्रवाई करता है।






















