पूर्णिया सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार: 31 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में पटना पुलिस ने आधी रात उठाया
पटना : बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात (6 फरवरी 2026) उनके मंदिरी स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई 1995 के एक 31 साल पुराने मामले में पटना की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर की गई। गिरफ्तारी के बाद सांसद को स्वास्थ्य जांच के लिए इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) ले जाया गया, जहां मेडिकल के बाद उन्हें पुलिस हिरासत में रखा गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मामला पटना के गर्दनीबाग थाने में वर्ष 1995 में दर्ज केस नंबर 552/1995 से जुड़ा है। आरोप है कि पप्पू यादव ने एक मकान को किराए पर लिया था, लेकिन उसे धोखाधड़ी से अपने राजनीतिक दफ्तर के रूप में इस्तेमाल किया और मकान मालिक से कब्जा नहीं छोड़ा। मकान मालिक की शिकायत पर FIR दर्ज हुई थी।
इस मामले में पुरानी भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराएं 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी), 471, 506 (आपराधिक धमकी), 120B (आपराधिक षड्यंत्र) और 448 (घर में अवैध घुसपैठ) लगाई गई हैं। अब यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत ट्रायल में चल रहा है।
पटना सिटी एसपी ने बताया कि अदालत ने सांसद को कई बार सुनवाई के लिए तलब किया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इसी कारण कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया और कुर्की-जब्ती का आदेश दिया था। दो दिन पहले ही कोर्ट ने पप्पू यादव समेत तीन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला सुनाया था।
पुलिस टीम जब देर रात उनके घर पहुंची तो पप्पू यादव ने शुरू में गिरफ्तारी का विरोध किया। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि यह राजनीतिक साजिश है और उन्हें “मारने की कोशिश” हो सकती है। सांसद ने कहा, “मुझे शंका है कि ये लोग मुझे मार सकते हैं। पुलिस सिविल ड्रेस में आई, मुझे लगा अपराधी आए हैं।” उनके समर्थकों ने भी पुलिस से बहस की और हंगामा हुआ। हालांकि, घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस उन्हें ले गई।
पप्पू यादव ने हाल ही में NEET परीक्षा से जुड़े एक छात्र की मौत पर बिहार सरकार की आलोचना की थी, जिसे उन्होंने इस कार्रवाई से जोड़ा है। सांसद को आज अदालत में पेश किया जाना है। यह घटना बिहार की सियासत में हलचल मचा रही है, क्योंकि पप्पू यादव अक्सर सरकार के खिलाफ मुखर रहते हैं।
















