तेज प्रताप यादव ने अनुष्का यादव के बच्चे के पिता होने के दावों को किया सिरे से खारिज, कहा- “बच्ची के पिता आकाश भाटी हैं, जांच होनी चाहिए”
पटना : जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबरों में दावा किया जा रहा था कि उनकी कथित प्रेमिका अनुष्का यादव ने एक बेटी को जन्म दिया है और बच्ची के पिता तेज प्रताप हैं। इन अफवाहों पर तेज प्रताप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कड़ा ऐलान किया और पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!तेज प्रताप ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मेरा अनुष्का यादव से कोई संबंध नहीं है और न ही बच्ची मेरी है। यह सब मुझे बदनाम करने की साजिश है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग, जिन्हें उन्होंने “जयचंद” कहा, उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं। तेज प्रताप ने आरजेडी से जुड़े कुछ नेताओं जैसे संजय यादव, सुनील सिंह, शक्ति सिंह यादव, मुकेश रोशन और रमीज का नाम लिया और कहा कि वे कोर्ट में जाकर कानूनी कार्रवाई करेंगे।
प्रेस वार्ता में तेज प्रताप ने नया दावा पेश किया। उन्होंने कहा कि अनुष्का यादव के बच्चे के पिता आकाश भाटी हैं, जो पटना के गोला रोड इलाके में रहते हैं। तेज प्रताप ने पूछा, “आकाश भाटी अनुष्का के फ्लैट पर दिन-रात क्यों आते-जाते थे? उनके संबंधों की जांच क्यों नहीं हो रही?” उन्होंने मांग की कि इस मामले की स्वतंत्र जांच हो और सच सामने आए।
तेज प्रताप ने कहा कि वे इस पूरे विवाद से मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं और डिप्रेशन में हैं। उन्होंने कहा, “मुझे परेशान किया जा रहा है, मैं क्या करूं? फांसी लगा लूं?” उन्होंने दावा किया कि यह सब उनकी छवि खराब करने की कोशिश है।
पिछले साल तेज प्रताप ने फेसबुक पर अनुष्का यादव के साथ फोटो शेयर कर 12 साल के रिलेशनशिप का दावा किया था, जिसके बाद आरजेडी से निष्कासित कर दिए गए थे। बाद में उन्होंने इसे हैकिंग बताया था। अब अनुष्का के मां बनने की खबर ने फिर से हंगामा मचा दिया है। कुछ रिपोर्ट्स में अस्पताल के दस्तावेजों का जिक्र है, जहां तेज प्रताप का नाम ‘हसबैंड’ के रूप में आया है, लेकिन तेज प्रताप इसे फर्जी बता रहे हैं।
इस बीच अनुष्का के भाई आकाश यादव ने भी सोशल मीडिया पर बच्ची की तस्वीर शेयर की है, जिससे मामला और गरमा गया है। तेज प्रताप की पार्टी जनशक्ति जनता दल ने बिहार चुनावों में कोई खास प्रभाव नहीं दिखाया, लेकिन यह विवाद उनकी छवि पर फिर से असर डाल सकता है।

















