धनबाद में प्रदूषण पर हाईकोर्ट की कड़ी फटकार, DMO को 26 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का आदेश
रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई है। चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने ग्रामीण एकता मंच की जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए जिला खनन अधिकारी (DMO) से पूछा है कि प्रदूषण रोकने के लिए अब तक क्या-क्या ठोस और प्रभावी कार्रवाई की गई है।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि धनबाद में अवैध खनन, कोयला ढुलाई और अन्य गतिविधियों से वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो चुका है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए DMO को।26 फरवरी तक अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
यह याचिका धनबाद और आसपास के इलाकों में कोयला खनन से जुड़े प्रदूषण पर केंद्रित है, जहां नियमों की अनदेखी और अवैध गतिविधियां आम हैं। हाईकोर्ट ने पहले भी इस मुद्दे पर कई विभागों से जवाब मांगे थे, लेकिन अब DMO पर सीधे फोकस करते हुए जवाबदेही तय की गई है।

















