राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में बड़ा फैसला, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को आयोजित न्यासियों की बैठक में दान राशि की गणना में सामने आई अनियमितताओं, जांच की प्रगति, महंत्री एवं एक न्यासी के इस्तीफे तथा ट्रस्ट की भविष्य की व्यवस्थाओं समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एसआईटी की प्रारंभिक जांच में आठ लोगों के नाम सामने आने के बाद ट्रस्ट ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, जिसके बाद गिरफ्तारियां भी हुईं। ट्रस्ट ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी व्यक्ति की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
बैठक में महंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा द्वारा नैतिक आधार पर दिए गए इस्तीफों को स्वीकार कर लिया गया। साथ ही गोपाल नारायण का नाम विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची से हटाने का भी निर्णय लिया गया।
ट्रस्ट ने बताया कि वर्ष 2020 में गठन के बाद छह वर्ष से भी कम समय में श्रीरामलला के भव्य मंदिर और परिसर का निर्माण, प्राण-प्रतिष्ठा, ध्वजारोहण तथा अन्य धार्मिक कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए हैं। इस कार्य में सहयोग देने वाले समाज, अभियंताओं, शिल्पकारों, वास्तुविदों तथा केंद्र और राज्य सरकारों का ट्रस्ट ने आभार जताया।
विज्ञप्ति के मुताबिक, निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस दान से प्राप्त 3,246 करोड़ रुपये में से 2,150 करोड़ रुपये निर्माण एवं पूंजीगत कार्यों पर खर्च किए गए हैं। वहीं, प्रारंभ से 31 मार्च 2026 तक कुल 582 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ, जिसमें से 392 करोड़ रुपये संचालन व्यय पर खर्च किए गए। शेष राशि बैंक खातों में सुरक्षित है।
ट्रस्ट ने यह भी कहा कि भविष्य में प्रबंधन और संचालन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं मजबूत बनाने के लिए विशेषज्ञों से सुझाव लिए जाएंगे। साथ ही श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया गया कि वे अपनी ओर से दी गई भेंट का सत्यापन ट्रस्ट के माध्यम से कभी भी कर सकते हैं।
ट्रस्ट ने अपील की कि इस प्रकरण को लेकर भ्रामक और निराधार आरोपों से बचा जाए तथा जांच पूरी होने तक अफवाहों पर विश्वास न किया जाए।
















