मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाथी हमलों पर सख्त निर्देश जारी किए: “एक भी मौत नहीं होनी चाहिए”, 12 दिनों में मुआवजा देने का आदेश
रांची : झारखंड में जंगली हाथियों के बढ़ते हमलों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की और सख्त निर्देश दिए कि हाथियों के हमलों से किसी भी व्यक्ति की मौत हर हाल में रोकी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले कुछ महीनों में रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा, जमशेदपुर, लोहरदगा, गुमला, दुमका आदि जिलों में हाथी हमलों से लगभग 27 लोगों की जान जा चुकी है, जो बेहद गंभीर स्थिति है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में मुख्यमंत्री ने वन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए:
– प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल बचाव एवं सुरक्षा के प्रभावी कदम उठाए जाएं।
– ग्रामीणों को एलीफेंट रेस्क्यू के लिए विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए और स्थानीय स्तर पर रेस्क्यू टीमें तैयार की जाएं।
– ग्रामीणों को हाथी भगाने के लिए डीजल, केरोसिन, पुराने टायर, टॉर्च, सोलर सायरन जैसी सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
– प्रभावित परिवारों को जान-माल की क्षति पर 12 दिनों के भीतर पूरा मुआवजा प्रदान किया जाए, इसमें कोई देरी नहीं होनी चाहिए।
– एनिमल अटैक कंपनसेशन नियमों में आवश्यक संशोधन कर एक प्रभावी नियमावली बनाई जाए।
– पिछले 5 वर्षों में कैजुअल्टी और कंपनसेशन से संबंधित पूरा डेटा प्रस्तुत किया जाए।
– राज्य भर में सभी एलीफेंट कॉरिडोर की मैपिंग कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में बड़ी संख्या में हाथी विचलन करते हैं, लेकिन वन विभाग को ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए बेहतर क्विक रिस्पांस मेकैनिज्म तैयार करना होगा। विभाग द्वारा जल्द 6 कुनकी हाथी मंगाए जा रहे हैं, ट्रैकिंग सिस्टम मजबूत किया जाएगा और एलीफेंट रेस्क्यू विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। हजारीबाग क्षेत्र में एक आक्रामक 5 हाथियों के झुंड की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि वहां 70 लोगों की टीम लगाई गई है और अलर्ट मोड पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि सरकार मानव-हाथी संघर्ष पर पूरी तरह संवेदनशील है। पीड़ित परिवारों को न केवल मुआवजा, बल्कि फसल, पशुधन नुकसान और स्थाई दिव्यांगता जैसी क्षतियों पर भी त्वरित राहत सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों के लोग हिंसक जानवरों के हमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। हमारी सरकार उनकी सुरक्षा और न्यायसंगत सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।”
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी, पीसीसीएफ (हॉफ) संजीव कुमार, पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) रवि रंजन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

















