बांग्लादेश में चुनाव जीतने के बाद तारिक रहमान की पार्टी बीएनपी ने कर दी बड़ी मांग, भारत का बढ़ गया टेंशन !
बीएनपी ने औपचारिक रूप से भारत से मांग की है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रत्यर्पित (extradite) किया जाए, ताकि उन पर मुकदमा चलाया जा सके। शेख हसीना वर्तमान में भारत में शरण लिए हुए हैं और बीएनपी उन्हें 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुए दमन के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है।
बीएनपी के वरिष्ठ नेता सलाहुद्दीन अहमद ने स्पष्ट कहा है कि पार्टी सभी कानूनी प्रयासों का समर्थन करेगी और भारत से हसीना को सौंपने की अपील करेगी। यह मांग बीएनपी की चुनावी जीत के तुरंत बाद आई है, जिसमें पार्टी ने दो-तिहाई से अधिक सीटें जीतकर तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद के लिए मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।
भारत ने पहले ही पीएम नरेंद्र मोदी के जरिए तारिक रहमान को बधाई दी और लोकतांत्रिक बांग्लादेश के साथ सहयोग का वादा किया है। लेकिन हसीना का प्रत्यर्पण मुद्दा दोनों देशों के बीच तनाव का बड़ा कारण बन सकता है, क्योंकि भारत ने उन्हें शरण दी हुई है। कुछ बीएनपी सलाहकारों ने भारत के साथ “संतुलित संबंध” की बात कही है।
तारिक रहमान ने अपनी पहली टिप्पणी में राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया और कहा कि बांग्लादेश के लोगों के हित विदेश नीति तय करेंगे। हालांकि, हसीना प्रत्यर्पण की मांग से दिल्ली-ढाका संबंधों में नई चुनौतियां आ सकती हैं।
यह घटनाक्रम बांग्लादेश की नई सरकार के लिए भारत के साथ संबंधों को रीसेट करने का पहला बड़ा टेस्ट होगा। क्या भारत हसीना को सौंपेगा या मजबूत रुख अपनाएगा? आने वाले दिनों में स्थिति साफ होगी।


















