झारखंड में बेलगाम हाथियों के ‘हनी ट्रैप’ ऑपरेशन की तैयारी! कर्नाटक से आ रहे 6 प्रशिक्षित कुनकी हाथी;
रांची : झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में हाथी हमलों से 25 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें चाईबासा, हजारीबाग और अन्य जिलों में कई दिल दहला देने वाली घटनाएं शामिल हैं। एक तरफ जहां एक दंतैले हाथी ने अकेले ही दर्जनों लोगों की जान ली, वहीं हाल ही में हजारीबाग के चुरचू प्रखंड में एक झुंड ने रातोंरात 6 ग्रामीणों को कुचल डाला। लोगों में दहशत का माहौल है और मानव-हाथी संघर्ष अब गंभीर संकट बन चुका है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस समस्या से निपटने के लिए कर्नाटक से छह प्रशिक्षित ‘कुनकी’ हाथी को जल्द ही झारखंड लाए जाने की खबर है। ये कुनकी हाथी विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं और जंगली बेलगाम हाथियों को नियंत्रित करने में माहिर माने जाते हैं।
कुनकी हाथी (खासकर मादा या प्रशिक्षित नर) अपनी ‘अदाओं’ और व्यवहार से बेलगाम जंगली हाथियों को आकर्षित करते हैं। इन्हें ‘हनी ट्रैप’ की तरह इस्तेमाल कर जंगली हाथियों को फंसाया जाएगा और उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल की गहराई में वापस ले जाया जाएगा। इन कुनकी हाथियों के साथ अनुभवी महावत और ट्रैंक्युलाइजेशन टीम भी आएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर हाथियों को बेहोश कर रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा सके।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि मानव मौतों को शून्य किया जाए। वन विभाग अब रैपिड रिस्पॉन्स टीम बना रहा है और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है।
यह पहली बार नहीं है जब कुनकी हाथियों की मदद ली जा रही है, लेकिन झारखंड में यह बड़ा अभियान है जो मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

















