JPSC 14th Exam: हेमंत सरकार का बड़ा फैसला, उम्र सीमा की कट-ऑफ डेट अब 2022; हजारों अभ्यर्थियों को मिली राहत
JPSC 14th Exam: हेमंत सरकार का बड़ा फैसला, उम्र सीमा की कट-ऑफ डेट अब 2022; हजारों अभ्यर्थियों को मिली राहत
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रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है। उम्र सीमा को लेकर चल रहे लंबे विवाद पर विराम लगाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि 14वीं JPSC परीक्षा के लिए उम्र की गणना (Cut-off Date) अब वर्ष 2022 से की जाएगी।
क्यों मचा था बवाल?
JPSC द्वारा जारी विज्ञापन में उम्र की गणना के लिए कट-ऑफ डेट 1 अगस्त 2026 रखी गई थी। इस तिथि के कारण राज्य के हजारों होनहार अभ्यर्थी ‘ओवर-एज’ (अधिक उम्र) हो रहे थे। छात्रों का तर्क था कि चूंकि नियुक्तियां नियमित अंतराल पर नहीं निकलीं, इसलिए कट-ऑफ डेट में छूट दी जानी चाहिए। इस मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने सड़क से लेकर सोशल मीडिया और हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया था।
हाईकोर्ट की राहत के बाद सरकार का बड़ा कदम
उम्र सीमा विवाद को लेकर कई अभ्यर्थी झारखंड हाईकोर्ट पहुंचे थे, जहां से उन्हें व्यक्तिगत राहत मिली थी। हालांकि, मुख्यमंत्री की इस ताजा घोषणा के बाद अब यह लाभ केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित न रहकर सभी पात्र अभ्यर्थियों को मिलेगा। सरकार के इस नीतिगत फैसले से उन छात्रों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है जो अपनी आखिरी उम्मीद छोड़ चुके थे।
खबर के मुख्य अंश:
* कट-ऑफ डेट में बदलाव: उम्र सीमा की गणना अब 2026 के बजाय 2022 के आधार पर होगी।
* किसे होगा फायदा: 3 से 4 साल की अतिरिक्त छूट मिलने से हजारों नए अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे।
* जल्द जारी होगा शुद्धि-पत्र: JPSC जल्द ही अपनी वेबसाइट पर इस संबंध में आधिकारिक Corrigendum (शुद्धि-पत्र) जारी करेगा।
युवाओं के हितों की रक्षा हमारी प्राथमिकता है।
JPSC अभ्यर्थियों की मांगों को देखते हुए कट-ऑफ डेट को 2022 करने का निर्णय लिया गया है ताकि अधिक से अधिक युवाओं को प्रशासनिक सेवा में शामिल होने का अवसर मिल सके।”
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
अभ्यर्थियों में उत्साह का माहौल
सरकार के इस फैसले के बाद राजधानी रांची सहित राज्य भर के छात्र संगठनों ने खुशी जाहिर की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से प्रतियोगिता और कड़ी होगी, क्योंकि अब अनुभवी अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ जाएगी।















