शिक्षा विकास के नवसंकल्प के साथ तीन दिवसीय बैठक का भव्य समापन, श्रीहरि वनवासी विकास समिति झारखण्ड की प्रांतीय प्रधानाचार्य बैठक संपन्न
शंभू कुमार सिंह
सिमडेगा : रामरेखा धाम शिशु विद्या मंदिर, सरखुटोली परिसर में वनवासी कल्याण केंद्र झारखण्ड की शैक्षिक इकाई श्रीहरि वनवासी विकास समिति झारखण्ड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्रांतीय प्रधानाचार्य सह समिति की महत्वपूर्ण बैठक गरिमामय ढंग से सम्पन्न हो गई। इस भव्य आयोजन में कुल 71 प्रधानाचार्य और 41 समिति सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की। बैठक शिक्षा के क्षेत्र में नवीन संकल्प, संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण और आदर्श विद्यालय निर्माण के दृढ़ संकल्प के साथ संपन्न हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती माता, भारत माता, ओउम तथा सरना माता के चित्रों पर पुष्पार्चन और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। वैदिक मंत्रोच्चारण और श्रद्धा-भावपूर्ण वातावरण ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। समापन सत्र में अखिल भारतीय शिक्षा प्रमुख पी. वी. राधाकृष्णन ने उद्बोधन देते हुए कहा, “प्रत्येक दिन नए एवं आदर्श प्रयोग करके अपने विद्यालय को आदर्श विद्यालय बनाएं।”
इससे पूर्व अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री भगवान सहाय ने वनवासी कल्याण आश्रम के कार्यों और उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला। विभिन्न सत्रों में शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन, संस्कारयुक्त शिक्षा, अनुशासन, संगठन विस्तार, विद्यालय विकास रणनीतियाँ तथा भावी योजनाओं पर गहन चर्चा हुई। केंद्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों ने अपने अनुभवों से सभी को प्रेरित किया।
बैठक का औपचारिक समापन डॉ. तनुजा मुण्डा (अध्यक्षा, श्रीहरि वनवासी विकास समिति झारखण्ड) के प्रेरक अध्यक्षीय उद्बोधन से हुआ। उन्होंने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम बताते हुए विद्यालयों को संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभावना का केंद्र बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें भगवान सहाय जी (अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री, वनवासी कल्याण आश्रम)। पी. वी. राधाकृष्णन (अखिल भारतीय शिक्षा प्रमुख, वनवासी कल्याण आश्रम), शिरीष कोराने (क्षेत्रीय शिक्षा प्रमुख, वनवासी कल्याण आश्रम), राजेश अग्रवाल (सह मंत्री, श्रीहरि वनवासी विकास समिति झारखण्ड)। सुभाष चंद्र दुबे (प्रांत शिक्षा प्रमुख, श्रीहरि वनवासी विकास समिति झारखण्ड), जगमोहन बड़ाईक, तपेश्वर (अध्यक्ष, रामरेखा धाम विद्या मंदिर, सरखुटोली), हीरालाल महतो (जिला निरीक्षक), संतोष दास (संकुल प्रमुख, सलडेगा) और मंगल मुंडा एवं अरुण प्रसाद मौजूद रहे।
यह तीन दिवसीय बैठक संगठनात्मक एकता, शैक्षिक गुणवत्ता और सेवा-समर्पण की नई ऊर्जा लेकर समाप्त हुई। सभी प्रधानाचार्यों एवं समिति सदस्यों ने अपने-अपने विद्यालयों में नवउत्साह और नवीन योजनाओं के साथ कार्य करने का पुनः संकल्प लिया।


















