Jharakhand Treasury scam

Treasury scam Follow up :झारखंड: सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू, DDO ने मांगा 11 बिंदुओं पर ब्योरा

Treasury scam Follow up  : झारखंड: सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू, DDO ने मांगा 11 बिंदुओं पर ब्योरा

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Jharakhand Treasury scam

रांची/बोकारो: झारखंड में फर्जी निकासी के मामले सामने आने के बाद रुके हुए सरकारी वेतन के भुगतान का रास्ता अब साफ होने लगा है। वित्त विभाग के आदेश के बाद, आहरण एवं वितरण अधिकारियों (DDO) ने कर्मचारियों के दस्तावेजों और व्यक्तिगत विवरणों के सत्यापन की कवायद तेज कर दी है।

क्यों लगा था वेतन पर रोक?

गौरतलब है कि प्रधान महालेखाकार (AG) की रिपोर्ट में बोकारो और हजारीबाग जिलों में वेतन मद से फर्जी तरीके से पैसे निकालने के गंभीर मामले सामने आए थे। इस वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने के बाद, वित्त विभाग ने एहतियात के तौर पर संबंधित क्षेत्रों और विभागों के कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी थी। इसके चलते कर्मचारियों को मार्च माह के वेतन का भुगतान नहीं हो सका था।

सत्यापन के लिए 11 अनिवार्य जानकारियां

वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं कर्मचारियों को वेतन जारी किया जाएगा, जिनका डेटा DDO द्वारा पूरी तरह सत्यापित होगा। इसके लिए कर्मचारियों से 11 बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी गई है:

1. कर्मचारी का नाम
2. पदनाम
3. मोबाइल नंबर
4. जन्म तिथि
5. नियुक्ति की तिथि
6. जीपीएफ (GPF) नंबर
7. आधार नंबर
8. पैन (PAN) नंबर
9. ई-मेल आईडी
10. बैंक अकाउंट नंबर
11. आईएफएससी (IFSC) कोड

जमा करने होंगे ये दस्तावेज

विवरण के साथ-साथ कर्मचारियों को तीन महत्वपूर्ण दस्तावेजों की छायाप्रति (Photocopy) भी संलग्न करनी होगी:

आधार कार्ड की कॉपी।
पैन कार्ड की कॉपी।
बैंक पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी या कैंसिल चेक

DDO के प्रमाण पत्र के बाद ही मिलेगा वेतन

नियमों के अनुसार, कर्मचारियों द्वारा जमा किए गए इन विवरणों की जांच DDO के स्तर पर की जाएगी। डेटा सही पाए जाने पर DDO एक आधिकारिक प्रमाण पत्र जारी करेंगे। इस प्रमाण पत्र के आधार पर ही वित्त विभाग वेतन निकासी की अनुमति देगा।

जाहिर है की इस कदम का उद्देश्य सिस्टम से फर्जीवाड़े को खत्म करना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी धन केवल वास्तविक और कार्यरत कर्मचारियों के खातों में ही जाए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही जल्द ही रुका हुआ वेतन जारी कर दिया जाएगा।

Share via
Share via