क्रॉस बॉर्डर क्राइम: इश्क, धोखा और हत्या: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर रची खौफनाक साजिश

पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें हत्या पश्चिम बंगाल में की गई और शव को झारखंड में फेंककर साक्ष्य छुपाने की कोशिश की गई। इस मामले का खुलासा झारखंड पुलिस की जांच में हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
8 अप्रैल 2026 को साहिबगंज जिला के बारहरवा थाना क्षेत्र में चावलछल्ला और लाधोपाड़ा के बीच एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। जांच में पता चला कि किसी वाहन से शव लाकर यहां फेंका गया था, जिसके बाद पुलिस ने कांड संख्या 85/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।
बंगाल में हुई हत्या, झारखंड में फेंका गया शव
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हत्या मुर्शिदाबाद जिला के फरक्का इलाके में हुई थी। मृतक की पहचान चंदन बेसरा के रूप में हुई, जो फरक्का के कलाईडांगा का रहने वाला था। आरोप है कि चंदन बेसरा की पत्नी पिंकी बेसरा उर्फ पिंकी बीबी ने अपने प्रेमी राशेद अली के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे झारखंड के साहिबगंज जिले के बारहरवा थाना क्षेत्र में फेंक दिया।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
जानकारी के मुताबिक, पिंकी बेसरा का चंदन बेसरा से प्रेम विवाह हुआ था और दोनों फरक्का के मुस्तफा कॉम्प्लेक्स में किराये पर रहते थे। वैवाहिक विवाद के बाद पिंकी अपने घर चली गई, जहां उसकी नजदीकी राशेद अली से बढ़ी और दोनों के बीच संबंध बन गए। इस बात की जानकारी मिलने पर चंदन ने पिंकी से संपर्क किया और बातचीत के लिए फरक्का के लोहापट्टी इलाके में बुलाया। वहीं पर पिंकी और राशेद ने मिलकर चंदन का गला दबाकर हत्या कर दी।
तीन आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में झारखंड पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राशेद अली को मालदा जिला के कालियाचक से गिरफ्तार किया। इससे पहले दो अन्य आरोपियों को फरक्का थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। बारहरवा के एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा किया।
सीमा पार अपराध का नया ट्रेंड?
इस घटना ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है—क्या अब अपराधी साक्ष्य छुपाने के लिए राज्य की सीमाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं? पश्चिम बंगाल में अपराध कर झारखंड में शव फेंकने की इस वारदात ने पुलिस के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सीमा क्षेत्रों में निगरानी भी बढ़ाई जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
















