Victim's house attacked at midnight to force withdrawal of case.

जमशेदपुर: केस वापस लेने के लिए आधी रात पीड़ित के घर पर हमला, तोड़फोड़

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जमशेदपुर के परसुडीह में 17 जून के हमले के पीड़ित परिवार पर केस वापस लेने का दबाव। आधी रात घर पर हमला और पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल। पढ़ें पूरी खबर।

Victim's house attacked at midnight to force withdrawal of case.

नीरज तिवारी / जमशेदपुर

जमशेदपुर : जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 17 जून को हुए अपहरण और जानलेवा हमले के पीड़ित परिवार ने अब न्याय के लिए गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि मुख्य आरोपी उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं और धमकी न मानने पर उनके घर पर हमला कर भारी तोड़फोड़ की गई है।

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‘आंख गंवाने के बाद भी नहीं मिला न्याय’

17 जून की रात परसुडीह क्षेत्र में एक कन्वाई चालक का अपहरण कर उसे शहर के विभिन्न हिस्सों में घुमाया गया। बदमाशों ने लोहे के पंच, चापड़ और पत्थरों (बोल्डर) से चालक पर बेरहमी से जानलेवा हमला किया, जिसमें उसकी एक आंख बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। फिलहाल पीड़ित का इलाज रिम्स, से लेकर कोलकाता , हैदराबाद तक चल रहा है।

बीती रात घर पर धावा, सीसीटीवी में कैद वारदात

पीड़ित परिवार का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही आरोपी पक्ष उन्हें लगातार धमकियां दे रहा है। इसी क्रम में बीती आधी रात विवेक, आयुष और उनके 10-12 सहयोगियों ने पीड़ित के घर को निशाना बनाया।

भारी नुकसान: हमलावरों ने घर में जमकर उत्पात मचाया, जिससे वहां रखे सीसीटीवी कैमरे, घरेलू सामान और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

सबूत के रूप में स्कूटी: स्थानीय लोगों के अनुसार, भागते समय हमलावर अपनी एक स्कूटी घटनास्थल पर ही छोड़ गए, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया है।

कैद हुई तस्वीर: पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जो इस मामले में सबसे बड़ा साक्ष्य है।

पुलिस की कार्यशैली पर खड़े हुए सवाल

पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों ने परसुडीह पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं:

देरी से कार्रवाई: सूचना देने के करीब दो घंटे बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

पुलिस पर संगीन आरोप: स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि घटनास्थल पर पहुंचे कुछ पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान नहीं आया है।

असुरक्षा का साया: एसएसपी से शिकायत करने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार पूरी तरह दहशत के माहौल में जी रहा है।

क्या कह रही है पुलिस?

परसुडीह थाना पुलिस ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए दोनों पक्षों की ओर से प्राथमिकी दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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