Three petitions filed in the Jharkhand High Court against the cancellation of various JPSAC-JSSC examinations; hearing likely today.

30 जून को रिटायर कर्मचारियों की बल्ले – बल्ले, 2006 के बाद वालों को भी मिलेगी एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि

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रांची। झारखंड के उन सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है, जो 30 जून को सेवानिवृत्त हुए हैं। झारखंड हाईकोर्ट ने ऐसे पात्र कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद एक अतिरिक्त वेतनवृद्धि (Notional Annual Increment) देने का रास्ता साफ कर दिया है। इसका असर सिर्फ नई सेवानिवृत्तियों पर नहीं, बल्कि 1 जनवरी 2006 के बाद रिटायर हुए पात्र कर्मचारियों पर भी पड़ेगा।

हाईकोर्ट ने 31 अगस्त 2026 को दिए अपने फैसले में झारखंड सरकार की ओर से तय की गई 11 अप्रैल 2023 की कटऑफ तारीख को हटा दिया। कोर्ट ने कहा कि पात्र कर्मचारियों को यह लाभ 1 जनवरी 2006 के बाद सेवानिवृत्त होने वालों तक दिया जाना चाहिए।

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आखिर मामला क्या था?

मामला उन कर्मचारियों का था, जो 30 जून को रिटायर हुए थे।
दरअसल, इन कर्मचारियों की सामान्य वेतनवृद्धि 1 जुलाई को लगती थी। कर्मचारी 1 जुलाई से ठीक एक दिन पहले यानी 30 जून को रिटायर हो जाता था। इस वजह से उसे अगले दिन मिलने वाली वेतनवृद्धि नहीं मिलती थी।
कर्मचारियों का कहना था कि उन्होंने 1 जुलाई से 30 जून तक पूरा एक साल काम किया है, इसलिए उस एक साल की सेवा के आधार पर मिलने वाली वेतनवृद्धि का लाभ उनकी पेंशन और दूसरे सेवानिवृत्ति लाभों की गणना में दिया जाना चाहिए।

इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने C.P. Mundinamani मामले में 11 अप्रैल 2023 को महत्वपूर्ण फैसला दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि 30 जून को रिटायर होने वाले और उससे पहले एक साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी को पेंशन की गणना के लिए एक Notional Increment का लाभ दिया जा सकता है।

झारखंड सरकार ने क्या किया था?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद झारखंड सरकार ने 16 मार्च 2024 को संकल्प संख्या 781/Fin. जारी किया।
इसमें 30 जून और 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले पात्र कर्मचारियों को Notional Increment देने का प्रावधान किया गया। लेकिन सरकार ने इसका लाभ केवल उन कर्मचारियों तक सीमित कर दिया, जो 11 अप्रैल 2023 या उसके बाद रिटायर हुए थे।

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यहीं से विवाद खड़ा हुआ।

पहले रिटायर हो चुके कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि जब सुप्रीम कोर्ट ने वेतनवृद्धि का सिद्धांत स्पष्ट कर दिया है तो 11 अप्रैल 2023 को कटऑफ क्यों बनाया गया?

हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया?

झारखंड हाईकोर्ट ने 31 अगस्त 2026 को इस मामले में कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दिया।
कोर्ट ने कहा कि 11 अप्रैल 2023 को कटऑफ मानने का पर्याप्त आधार नहीं है। इसलिए सरकार के संकल्प में इस तारीख को read down किया गया।
इसके बाद पात्रता को 1 जनवरी 2006 के बाद रिटायर हुए कर्मचारियों तक बढ़ा दिया गया। कोर्ट ने माना कि छठे वेतन पुनरीक्षण की व्यवस्था 1 जनवरी 2006 से लागू हुई थी।

अब कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?

हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक पात्र कर्मचारियों को—
एक Notional Annual Increment मिलेगा।
इस वेतनवृद्धि को पेंशन की गणना में शामिल किया जाएगा।
पेंशन और दूसरे सेवानिवृत्ति लाभों को दोबारा तय किया जाएगा।
इसके आधार पर बनने वाले बकाया भुगतान (Arrears) का भी भुगतान किया जाएगा।
कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को आदेश की प्राप्ति/प्रस्तुति के आठ सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने को कहा है।

किन लोगों को मिलेगा लाभ?

फैसले का मतलब यह नहीं है कि 2006 के बाद रिटायर हुए हर कर्मचारी को अपने-आप लाभ मिल जाएगा।
मुख्य रूप से ऐसे पात्र कर्मचारी इसके दायरे में होंगे, जिन्होंने

30 जून को रिटायरमेंट लिया हो और रिटायरमेंट से ठीक पहले 1 जुलाई से 30 जून तक एक साल की सेवा पूरी की हो तथा अगली वेतनवृद्धि के पात्र रहे हों।
फैसले में याचिकाकर्ताओं को इसी आधार पर लाभ दिया गया है।

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