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जैप-1 में 146 साल पुरानी परंपरा, महानवमी पर कन्या पूजन के साथ हुई हथियारों की पूजा

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रांची: राजधानी रांची के डोरंडा स्थित जैप-1 परिसर में महानवमी के अवसर पर गोरखा बटालियन ने अपनी अनूठी परंपरा निभाते हुए कन्या पूजन के साथ हथियारों की पूजा-अर्चना की। जैप-1 के कमांडेंट सह रांची के एसएसपी राकेश रंजन भी इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए। यहां वर्ष 1880 से यह परंपरा चली आ रही है।

गोरखा बटालियन में महानवमी के दिन सबसे पहले पूरे विधि-विधान से कन्या पूजन किया गया। इसके बाद जवानों ने अपनी पारंपरिक खुखरी, राइफल और इंसास राइफल को साफ-सुथरा कर कतार में सजाया और फूल-माला व टीका लगाकर उनकी पूजा की। पूजा के बाद जवानों ने फायरिंग कर मां दुर्गा को सलामी दी।

Durga puja
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जैप-1 परिसर में दुर्गा पूजा की खास बात यह है कि यहां मां दुर्गा की प्रतिमा के बजाय कलश को देवी का स्वरूप मानकर पूजा की जाती है। बटालियन के जवानों का विश्वास है कि महानवमी पर शस्त्रों की पूजा करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ बना रहता है।

देश की सीमाओं की सुरक्षा से लेकर राज्य की सुरक्षा में तैनात जवानों के लिए हथियारों की पूजा विशेष महत्व रखती है। जवान मां दुर्गा से प्रार्थना करते हैं कि उनके हथियार हमेशा कारगर रहें और युद्ध या किसी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में धोखा न दें। इसी आस्था और सुरक्षा की कामना के साथ गोरखा बटालियन हर साल महानवमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा निभाती है।

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Drishti Now Desk

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