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सिमडेगा में सात माह से खुले में पड़ा गरीबों का नमक, बर्बादी के लिए कौन जिम्मेदार?

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सिमडेगा: गरीब परिवारों को जनकल्याणकारी योजना के तहत मिलने वाला आयोडीन एवं विटामिनयुक्त नमक सिमडेगा बाजार समिति स्थित गोदाम के बाहर खुले में पड़ा है। कथित तौर पर मार्च-अप्रैल में पहुंची नमक की बोरियां पिछले सात माह से खुले में रखी हैं। बोरियों और फटे पैकेटों की तस्वीरें भंडारण व्यवस्था की बदहाली बयां कर रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जरूरतमंदों के लिए निर्धारित नमक को सुरक्षित रखने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।

खुले में लंबे समय तक रखे जाने और बारिश व नमी के संपर्क में आने से नमक की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, नमक की वास्तविक स्थिति और उसकी गुणवत्ता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में बोरियों का इस तरह खुले में पड़ा होना सरकारी भंडारण व्यवस्था और गरीबों तक खाद्य सामग्री पहुंचाने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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सूत्रों के अनुसार, जिले में विभिन्न विभागों के कई सरकारी गोदाम निजी दुकानदारों को किराये पर दिए गए हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि जब सरकारी गोदाम उपलब्ध हैं या उनकी व्यवस्था की जा सकती है, तो गरीबों के लिए निर्धारित नमक को सुरक्षित स्थान पर क्यों नहीं रखा गया। संबंधित विभाग को नमक की कुल मात्रा, भंडारण अवधि, वर्तमान गुणवत्ता और वितरण की स्थिति की जांच करानी चाहिए। साथ ही, यदि लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार एजेंसी और पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि सरकारी संसाधनों की बर्बादी रोकी जा सके।

21 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय आयोडीन दिवस के अवसर पर शांति भवन मेडिकल सेंटर के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल कुजूर ने आयोडीन के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोडीन थायराइड हार्मोन के निर्माण के लिए आवश्यक है। ये हार्मोन शरीर के चयापचय, वृद्धि और विकास को नियंत्रित करते हैं। आयोडीन की कमी से बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा घेंघा रोग होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

डॉ. कुजूर ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के लिए भी पर्याप्त मात्रा में आयोडीन जरूरी है, क्योंकि यह गर्भस्थ शिशु के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयोडीन की कमी से होने वाले विकारों से बचाव के लिए संतुलित मात्रा में आयोडीनयुक्त नमक का सेवन करना चाहिए।

एक ओर आयोडीनयुक्त नमक के नियमित सेवन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर गरीबों के लिए निर्धारित इसी नमक का खुले में पड़ा होना व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग मामले की जांच कर नमक की गुणवत्ता और भंडारण की स्थिति पर क्या कार्रवाई करता है।

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शंभू कुमार सिंह

शंभू कुमार सिंह

रिपोर्टर

शंभू कुमार सिंह सिमडेगा के रहने वाले हैं ये 1995 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत है दैनिक जागरण जिला प्रभारी, भास्कर दैनिक का जिला प्रभारी, सहित की भी चैनल के साथ में अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में लगातार सक्रिय रहे है । समाचार संकलन विशेष लेख फीचर व अन्य क्षेत्रों में भी विशेष पकड़।