पलामू में अंधविश्वास की खौफनाक वारदात: बेटे और गोतिया ने मिलकर कराई पिता की हत्या, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
पलामू : झारखंड के पलामू जिले में अंधविश्वास ने एक बार फिर रिश्तों को शर्मसार कर दिया। लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के नावाडीह-तेनार गांव निवासी 65 वर्षीय पच्चू मोची (पच्चु मोची) की निर्मम हत्या उसके सगे बेटे गुड्डू मोची और गोतिया धनंजय मोची ने मिलकर प्लान की। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो फरार हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तीन महीने पहले पच्चू मोची के घर से 4500 रुपये गायब हो गए थे। गुस्से में उन्होंने घर के देवी-देवताओं की मूर्ति को आंगन में तोड़कर फेंक दिया था। इसके बाद उनके गोतिया धनंजय मोची के परिवार में एक के बाद एक दुखद घटनाएं हुईं, उनकी मां और भाई की मौत हो गई, जबकि घर के बच्चे लगातार बीमार पड़ने लगे।
इन घटनाओं को संयोग मानने की बजाय परिवार ने अंधविश्वास से जोड़ दिया और पच्चू मोची को ओझा-गुणी मानकर परिवार पर जादू-टोना करने का जिम्मेदार ठहराया। हैरानी की बात यह है कि मृतक का सगा बेटा गुड्डू मोची भी इस साजिश में शामिल हो गया। गुड्डू और धनंजय ने मिलकर पच्चू मोची को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और 40 हजार रुपये की सुपारी दी, जिसमें 10 हजार रुपये एडवांस में दिए गए।
घटना 22 दिसंबर की है, जब सुपारी लेने वाले आरोपियों ने डबरा जंगल में धारदार चाकू से पच्चू मोची का गला रेतकर हत्या कर दी। 26 दिसंबर को शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध लगा। अलग-अलग पूछताछ में आरोपियों के बयानों में विरोधाभास सामने आया। कड़ी पूछताछ के बाद गुड्डू मोची, धनंजय मोची सहित चार आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल खून लगा चाकू, कपड़े और अन्य साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 20 वर्ष के आसपास है। मुख्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।

















