शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण: झारखंड में खुशी की लहर, सुदेश महतो ने मोदी का किया आभार
रांची : झारखंड आंदोलन के महानायक और दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन को मरणोपरांत भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से नवाजा गया है। गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा घोषित 131 पद्म पुरस्कारों की सूची में शिबू सोरेन का नाम लोक कल्याण और सार्वजनिक कार्य (Public Affairs) क्षेत्र में शामिल किया गया है। इस घोषणा से पूरे झारखंड में खुशी की लहर दौड़ गई है, जहां नेता और आंदोलनकारी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी प्रमुख सुदेश महतो ने इस सम्मान के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का हार्दिक आभार व्यक्त किया। महतो ने कहा, “यह सम्मान न केवल गुरुजी के लंबे राजनीतिक एवं सामाजिक संघर्ष का सम्मान है, बल्कि पूरे झारखंडी जनता के गौरव को बढ़ाने वाला है। झारखंड आंदोलन में गुरुजी की भूमिका किसी से छिपी नहीं है। इस घोषणा से राज्य में खुशी का माहौल है।” उन्होंने गृह मंत्रालय द्वारा घोषित सभी 131 विभूतियों को भी बधाई दी, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया।
आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि गुरुजी से हर झारखंड आंदोलनकारी ने संघर्ष की प्रेरणा ली है। “गुरुजी को यह सम्मान मिलने पर प्रत्येक आंदोलनकारी खुद को सम्मानित महसूस कर रहा है। उनकी जीवन यात्रा संघर्ष का जीवंत प्रतीक है।”
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने इसे पूरे आदिवासी समाज का सम्मान बताया। उन्होंने कहा, “गुरुजी को पद्म भूषण मिलना देश के आदिवासी समुदाय के लिए गर्व की बात है। एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार। यह सम्मान झारखंड को नई ऊर्जा देगा।”

















