नगड़ी आंदोलनकारियों को भाड़े का बताने पर आजसू का पलटवार: इरफान अंसारी पर साधा निशाना
रांची : आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है, जिसमें उन्होंने नगड़ी में आंदोलन कर रहे आदिवासी-मूलवासी ग्रामीणों को भाड़े का बताया था। प्रभाकर ने पलटवार करते हुए कहा कि इरफान अंसारी स्वयं भाड़े पर बिहार जाकर राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा के लिए भीड़ जुटाने का काम कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें नगड़ी के आंदोलनकारी भाड़े के प्रतीत हो रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रभाकर ने इरफान अंसारी के उस बयान को आदिवासी-मूलवासी जनता और झारखंड आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन का अपमान बताया, जिसमें उन्होंने नगड़ी में रिम्स-2 बनाने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने स्वयं नगड़ी के ग्रामीणों को अपनी खेती की जमीन जोतने के लिए प्रेरित किया था। प्रभाकर ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार वही कार्य कर रही है, जिनका विरोध शिबू सोरेन ने हमेशा किया। उन्होंने कहा कि नगड़ी की जमीन को बचाने के लिए शिबू सोरेन ने आंदोलन किया था, लेकिन इरफान अंसारी और उनकी कांग्रेस पार्टी उनके इस आंदोलन के विपरीत कार्य कर रही है।
आजसू नेता ने कहा कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन को जब वोट की जरूरत होती है, तब उन्हें आदिवासी-मूलवासी और जल, जंगल, जमीन की याद आती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद ये लोग आदिवासियों का शोषण शुरू कर देते हैं। प्रभाकर ने स्पष्ट किया कि आजसू पार्टी विकास का विरोध नहीं करती, लेकिन आदिवासियों को उनकी खेती की जमीन से बेदखल करने के खिलाफ है। उन्होंने सुझाव दिया कि रिम्स-2 के लिए झारखंड में उपलब्ध बंजर भूमि का उपयोग किया जाना चाहिए।
प्रभाकर ने कांग्रेस के इतिहास को रक्तरंजित बताते हुए कहा कि यह वही पार्टी है, जो झारखंड आंदोलन को कुचलने का काम करती थी। उन्होंने इरफान अंसारी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह उसी झारखंड विरोधी कांग्रेस की भाषा बोल रहे हैं, जो कभी नहीं चाहती थी कि झारखंड राज्य बने और आदिवासियों को उनके अधिकार मिलें।

















