20210214 102919

सिस्टम की लापरवाही का आलम, मुर्दे उठा रहे हैं राशन.

गढ़वा : गढ़वा जिले में इन दिनों सिस्टम लापरवाह बना हुआ है। इस बार मामला राशन को लेकर है जहां जिले के बंशीधर नगर के कोलझिकि में एक बड़ी लापरवाही देखने को मिल रही है, यहां मृतक के नाम पर उनके आश्रित राशन का उठाव कर रहे है। लापरवाही यहां लाभुक की नही बल्कि सिस्टम की है जिनकी कई मामले सामने आ रहे है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

गढ़वा जिले में सिस्टम की लापरवाही से कल तक जहां मृतक पीएम आवास बना रहे थे अब राशन भी उठा रहे है। अब बात जिले के बंशीधर नगर के कोलझिकि पंचायत की है जहां चार वर्ष पहले मर चुके संतोष चंद्रवंशी नाम के व्यक्ति के नाम पर राशन का उठाव किया जा रहा है। यह कोई एक मामला नही है बल्कि जिले में ऐसे कई मामले जांच करने पर मिल जायेंगे लेकिन अधिकारी लापरवाह बनें हुए हैं।

आरती महिला स्वयं सहायता समूह की पीडीएस दुकानदार। खुद यह सिस्टम की पोल खोलते नजर आ रही है इनका मानना है कि यह विभाग की लापरवाही है। मृतक का नाम सिस्टम से हटा ही नही है अंगूठा लगाने के बाद सिस्टम सात लाभुको को अनाज देने को बताता है तो मैं छह आदमी का कैसे दें। केवल यह केस मेरे ही यहां का थोड़े ही है यह गांव में या जिले में जितने भी पीएडीएस दुकानदार है उन सब के यहां है।

जिंदा रहने पर भी चैन नही था अब तो मरने के बाद भी चैन नही है यह कहना था जनवरी 2021 तक का राशन उठा चुकी मृतक संतोष की पत्नी का। उसका मानना है कि लोग उन्हें जानबूझ कर परेशान कर रहे है इसमें मेरी लापरवाही क्या है, सिस्टम जाने हमको अनाज मिल रहा है मैं खा रही हूं, मैं विधवा हूँ मैं कहाँ कमाने जाऊं मेरे छोटे-छोटे बच्चे है। मृतक की मां कहती है कि पांच किलो ज्यादा अनाज मिलता है इससे क्या होगा अब तो मेरा बेटा भी नही है यह कह उनकी आंखों में आंसू भर गया।

मृतक के नाम पर राशन उठाने के मामले में वंशीधर नगर के एसडीओ ने कहा कि राशन में अनिमियता की शिकायत आई है सीओ को जांच का निर्देश दिया गया है जांच कर करवाई की जाएगी। बहरहाल गढ़वा में सिस्टम की लापरवाही ने कई लोगो को मुश्किलों में डाल दिया है जिनके बड़े-बड़े बिल्डिंग है उनके राशन कार्ड बन रहे है जिनके झोपड़ी है उनको परेशान किया जा रहा है जरूरत है सही लाभुक की पहचान की जिससे उसका हक मिल सके।

गढ़वा, वी के पांडे

Share via
Share via