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गिरिडीह के तिसरी में सड़क हादसे में बच्चे की मौत के बाद गुस्साएं ग्रामीणों ने कार चालक को किया जिंदा जलाने का प्रयास.

गिरिडीह, दिनेश.

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गिरिडीह : गिरिडीह के तिसरी थाना क्षेत्र के सिंघो गांव में चार पहिया वाहन के चपेट में आने से 10 वर्षीय बच्चे के मौत के बाद गुस्साएं ग्रामीणों ने वाहन चालक को जिंदा जलाने का प्रयास किया। लेकिन स्थानीय पुलिस के तत्परता से चालक कौशिक चंदर को बचा लिया गया। बावजूद चालक गंभीर रुप से झुलस गए। घटना गुरुवार दोपहर का बताया जा रहा है। मृत बच्चा सौरभ कुमारी जिले के गांवा थाना के सीरि गांव निवासी बबलू यादव का बेटा का बताया जा रहा है। और अपने माता-पिता के साथ कुछ दिन पहले अपने नाना घर सिंघो गांव आया हुआ था। सड़क हादसे में बच्चे की मौत के बाद ग्रामीणों ने जिस स्विफ्ट डिजायर वाहन चालक कौशिक चंदर को जिंदा जलाने का प्रयास किया। वे पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिला के रहने वाले कौशिक चंदर है। ग्रामीणों द्वारा जलाएं गए कौशिक अपनी पत्नी संगीता चंदर के साथ बिहार के बिहार शरीफ ड्यूटी के लिए जा रहे थे।

बर्धमान से बिहार शरीफ जाने के क्रम में दोनों पति-पत्नी जब तिसरी के सिंघो गांव के समीप पहुंचे। तो उस वक्त बबलू यादव का 10 वर्षीय बेटा सौरभ कुमार रोड के किनारे खेल रहा था। लिहाजा, बच्चा सौरभ स्विफ्ट डिजायर के चपेट में आ गया। इसे बच्चे की मौत मौके पर हो गई। घटना के बाद ग्रामीण घटनास्थल की दौड़े। और गुस्साएं ग्रामीणों ने पति-पत्नी के वाहन को घेर लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने कौशिक की पत्नी संगीता चंदर को पहले से गाड़ी से निकाला। और कौशिक को अपने कब्जे में लेते हुए उस पर केरोसिने तेल छिड़क कर आग लगा दिया। इस बीच जानकारी मिलने के साथ तिसरी थाना प्रभारी भी पुलिस जवानों के साथ घटनास्थल पहुंचे। और किसी प्रकार आग में लिपटे कौशिक को अपने कब्जे में लेने के साथ उसके शरीर में लगी आग को बुझाया। काफी मशक्कत के बाद कौशिक के शरीर पर लगे आग पर काबू पाया जा सका।

गंभीर रुप से झुलसे कौशिक को पुलिस ने पहले तिसरी के सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र में इलाज कराया। जहां से बेहतर इलाज के लिए कौशिक को सदर अस्पताल भेज दिया गया। इधर बच्चे की मौत से गुस्साएं ग्रामीणों को तिसरी थाना प्रभारी ने काफी प्रयास के बाद समझा-बुझाकर शांत किया।

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