अंश -अंशिका केस के बाद रांची पुलिस एक्शन मुड में ,13 बच्चा चोर गिरफ्तार , 12 गायब बच्चे बरामद
अंश -अंशिका केस के बाद रांची पुलिस एक्शन मुड में ,13 बच्चा चोर गिरफ्तार , 12 गायब बच्चे बरामद
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रांची पुलिस ने बच्चा चोरों के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें 12 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और महिला समेत 13 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह बड़ा खुलासा रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से 2 जनवरी 2026 को लापता हुए दो छोटे भाई-बहन अंश (5 वर्ष) और अंशिका (4 वर्ष) के अपहरण मामले की जांच के दौरान सामने आया है।
बड़े गिरोह का खुलासा
पूछताछ में पता चला कि यह मामला एक अंतरराज्यीय मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) सिंडिकेट से जुड़ा है, जिसमें मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) का गैंग प्रमुख रूप से शामिल है। गिरोह बच्चों को टॉफी-बैलून का लालच देकर अगवा करता था। चोरी किए गए बच्चों को भीख मंगवाने, पॉकेटमारी या अन्य अपराधों के लिए इस्तेमाल किया जाता था। जांच में कुछ मामलों में देह व्यापार और संभावित मानव अंग व्यापार का एंगल भी सामने आया है।पुलिस ने इस अभियान में राज्य भर और पड़ोसी राज्यों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप कुल 12 बच्चे विभिन्न जिलों (बोकारो, धनबाद, चाईबासा, रांची आदि) से रेस्क्यू किए गए। 13 तस्कर (जिनमें एक महिला शामिल) गिरफ्तार हुए हैं, जबकि दो दर्जन से अधिक संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
अंश अंशिका घटना का विवरण
जाहिर है की रांची के धुर्वा इलाके के मौसीबाड़ी (शालीमार बाजार के पास) से अंश और अंशिका घर के नजदीक दुकान जाने के दौरान गायब हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में ऑपरेशन मासूम चलाया, जिसमें 500 से अधिक CCTV फुटेज की जांच, 5000 वाहनों की स्क्रूटनी और विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। SIT में ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर, सिटी एसपी और ट्रैफिक एसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।12 दिनों की गहन तलाश के बाद 14 जनवरी 2026 को दोनों बच्चों को रामगढ़ जिले के चितरपुर (अहमदनगर/राजरप्पा क्षेत्र) से एक किराए के मकान से सकुशल बरामद किया गया। मुख्य आरोपी और उसकी को गिरफ्तार किया गया, जो बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले हैं।

















