इंटरनेट को बंद कर ईरान की खामनेई सरकार ने ली हज़ारों प्रदर्शकारियों की जाने : मीडिया रिपोर्ट्स
इंटरनेट को बंद कर ईरान की खामनेई सरकार ने ली हज़ारों प्रदर्शकारियों की जाने : मीडिया रिपोर्ट्स

ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों का दमन अब इतिहास के सबसे खूनी दौर में पहुंच चुका है। ग्राउंड जीरो पर काम कर रहे डॉक्टरों की एक नई और भयावह रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम 16,500 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और 3,30,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
यह आंकड़े ब्रिटिश अखबार The Sunday Times (18 जनवरी 2026) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित हैं, जिसमें ईरान के कई अस्पतालों, इमरजेंसी विभागों और नेत्र अस्पतालों के मेडिकल स्टाफ से प्राप्त डेटा शामिल है।
रिपोर्ट की मुख्य बातेंअधिकांश मौतें और गंभीर चोटें पिछले कुछ दिनों (खासकर 8-10 जनवरी के आसपास) में हुईं, जब सुरक्षा बलों ने लाइव गोलीबारी बढ़ा दी।
चोटें मुख्य रूप से सिर, गर्दन और छाती में गोली और शार्पनेल से लगी हैं, जो सैन्य-ग्रेड हथियारों के इस्तेमाल को दर्शाती हैं।
तेहरान के प्रमुख नेत्र अस्पताल Noor Clinic में अकेले 7,000 आंखों की चोटों के मामले दर्ज हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 700 से 1,000 लोगों ने एक आंख स्थायी रूप से गंवाई है।
घायलों में बच्चे, गर्भवती महिलाएं और युवा शामिल हैं। अस्पतालों में खून की भारी कमी है और कई मरीजों की मौत इसलिए हो गई क्योंकि ट्रांसफ्यूजन नहीं हो पाया।
ईरानी-जर्मन नेत्र रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर अमीर परास्ता ने इसे “डिजिटल अंधेरे में छिपाया गया नरसंहार” करार दिया है, क्योंकि सरकार ने इंटरनेट और संचार पर लगभग पूर्ण ब्लैकआउट लगा रखा है।
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