भू-धंसान से हो रही मौतें राज्य पोषित अवैध खनन का नतीजा : प्रतुल शाहदेव

रांची: धनबाद में भू-धंसान की घटना में तीन ग्रामीणों की मौत के बाद झारखंड भाजपा ने राज्य सरकार पर अवैध खनन को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि अवैध खनन से हो रही मौतें किसी सामान्य हादसे का परिणाम नहीं, बल्कि राज्य पोषित अवैध खनन का भयावह नतीजा हैं। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में अवैध खनन के दौरान चाल धंसने समेत अन्य घटनाओं में कई दर्जन लोगों की जान जा चुकी है। धनबाद क्षेत्र में अवैध कोयला खनन का कारोबार लगातार जारी है, इसके बावजूद इस पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर हाल में भू-धंसान से तीन ग्रामीणों की मौत हुई, वहां सितंबर 2025 में स्लाइड की चपेट में आकर सर्विस वैन पलट गई थी, जिसमें सात कर्मियों की जान गई थी। इसके बावजूद सरकार और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनके अनुसार, बंद प्रोजेक्ट में दोबारा अवैध खनन शुरू होना और उसी क्षेत्र में फिर मौतें होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि बंद खदानों में खुलेआम अवैध कोयला खनन कैसे चल रहा है और वहां सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण इस कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि हेमंत सरकार एमएमडीआर एक्ट का विरोध इसलिए कर रही है, क्योंकि इसमें अवैध खनन के खिलाफ कड़े प्रावधान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीति के कारण माफियाओं को कार्रवाई से बचने का अवसर मिल रहा है और ग्रामीणों की जान जोखिम में पड़ रही है।

उन्होंने कहा कि कोल इंडिया की अनुषंगी इकाइयों के आधिकारिक उत्पादन से अधिक कोयला अवैध खनन के जरिये निकाले जाने के विशेषज्ञ आकलन सामने आ रहे हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उन्होंने प्रस्तुत नहीं की। प्रतुल शाहदेव ने धनबाद की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अवैध खनन माफियाओं और उनके कथित संरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा बंद खदानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लगाई तो भाजपा इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने और आंदोलन करने का रास्ता अपनाएगी।
















