रामगढ़ में बीते दो सालों में फैक्ट्री हादसों का खौफ: 12 कर्मचारियों की मौत, इसमे केदला में हुए अवैध खनन में हुए मजदूर का आंकड़ा अलग

आकाश शर्मा / रामगढ़
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रामगढ़। रामगढ़ जिले में स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए हादसे में तीन इंजीनियर की मौत के बाद कोयला और इस्पात उद्योग के लिए पहचाने जाने वाले रामगढ़ में कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए है। जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान औद्योगिक इकाइयों में हुए हादसों में अबतक 12 कामगारों की मौत हो चुकी है ..साथ ही अवैध खनन में हुए मौतों का आंकड़ा अलग है। 22 अगस्त 2024 से 22 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों की पड़ताल में कम से कम छह प्रमुख औद्योगिक दुर्घटनाएं सामने आती हैं,
इनमें सबसे अधिक मौत अप्रैल 2026 में हेसला स्थित झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में हुए फर्नेस ब्लास्ट में हुई, जहां इलाज के दौरान मृतकों की संख्या पांच रही। इसके अलावा अगस्त 2026 में श्रीराम पावर एंड स्टील में हुए फर्नेस ब्लास्ट में एक मजदूर की मौत हुई, और अब इसी महीने हेहल स्थित मां छिन्नमस्तिका इस्पात के कैप्टिव पावर प्लांट में तीन इंजीनियरों की मौत हो गई।

दिसंबर 2024: ब्रह्मपुत्रा मेटेलिक में झुलसे मजदूर की मौत
पिछले दो वर्षों की इस अवधि में सामने आया प्रमुख मामला गोला थाना क्षेत्र स्थित ब्रह्मपुत्रा मेटेलिक प्राइवेट लिमिटेड का है।
दिसंबर 2024 में प्लांट में काम करने के दौरान पोदो महतो लोहा गलाने वाली इकाई की आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए थे। उन्हें इलाज के लिए रांची के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने प्लांट गेट पर प्रदर्शन किया।

मार्च 2025: झारखंड इस्पात में फिर हुआ ब्लास्ट
रामगढ़ के हेसला स्थित झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में 9 मार्च 2025 को भी बॉयलर ब्लास्ट की घटना सामने आई थी।
उस समय स्क्रैप अनलोड कराने वाले एक वाहन के चालक के आग की चपेट में आने की जानकारी सामने आई थी। घायल चालक का इलाज निजी अस्पताल में कराया गया था।
जुलाई 2025: आलोक स्टील प्लांट में महिला ठेका मजदूर की मौत
जुलाई 2025 में कुजू क्षेत्र के आलोक स्टील प्लांट में ठेका महिला मजदूर आशो देवी (57) की मौत हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक काम के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने प्लांट के बाहर प्रदर्शन किया और मुआवजे की मांग की।
अगस्त 2025: वेंकटेश आयरन स्पंज फैक्ट्री में हादसा, विजय बेदिया की मौत
अगस्त 2025 में लपंगा स्थित वेंकटेश आयरन स्पंज फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर विजय बेदिया की मौत हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक काम के दौरान वह गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रांची ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन और ग्रामीण प्लांट पहुंचे और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

सितंबर 2025: श्रीराम पावर एंड स्टील में आग, एक मजदूर की मौत
22 सितंबर 2025 को कुजू-मुरपा स्थित श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट में किलन चार्जिंग के दौरान अचानक फायर बैक हुआ।
इस घटना में पांच मजदूर झुलसे। गंभीर रूप से घायल नेतलाल ठाकुर की इलाज के दौरान मौत हो गई। एक अन्य मजदूर अब्दुल अंसारी गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि तीन अन्य को मामूली चोटें आईं।
मृतक के परिवार को मुआवजा और नौकरी देने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्लांट गेट पर प्रदर्शन किया।
अप्रैल 2026: झारखंड इस्पात में फर्नेस ब्लास्ट, पांच मजदूरों की मौत
6 अप्रैल 2026 रामगढ़ के औद्योगिक इतिहास की सबसे गंभीर तारीखों में शामिल हो गई।
हेसला स्थित झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में तड़के फर्नेस/बॉयलर में जोरदार विस्फोट हुआ। हादसे में कुल नौ मजदूर झुलसे। शुरुआत में एक मौत की खबर आई, फिर इलाज के दौरान मृतकों की संख्या बढ़ती गई।
7 अप्रैल तक दो मजदूरों की मौत की खबर सामने आई। इसके बाद तीसरे मजदूर की मौत हुई और 12 अप्रैल तक मृतकों की संख्या चार हो गई। 16 अप्रैल को एक और घायल मजदूर श्यामदेव बरई की मौत के बाद इस हादसे में मरने वालों की संख्या पांच हो गई।
मृतकों में बृजलाल बेदिया, अशोक बेदिया, अखिला राय, राजू झा और श्यामदेव बरई शामिल थे। हादसे में कुल नौ मजदूर झुलसे थे।
NHRC ने भी लिया संज्ञान
इस हादसे ने राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 9 अप्रैल 2026 को स्वतः संज्ञान लेते हुए झारखंड के मुख्य सचिव और DGP को नोटिस जारी किया।
NHRC ने घटना की जांच, घायलों की स्थिति और मृतकों के परिजनों को दिए गए मुआवजे की जानकारी मांगी थी। आयोग ने रिपोर्ट दो सप्ताह में मांगी थी।
अगस्त 2026: उसी श्रीराम पावर एंड स्टील में फिर फर्नेस ब्लास्ट
9 अगस्त 2026 को कुजू-मुरपा स्थित श्रीराम पावर एंड स्टील प्लांट में एक बार फिर फर्नेस ब्लास्ट हुआ।
इस घटना में कई मजदूर घायल हुए। गंभीर रूप से घायल रमेश ठाकुर की इलाज के दौरान 12 अगस्त की रात मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्लांट का काम बंद कराया और गेट के पास धरना दिया।
यह घटना इसलिए गंभीर है क्योंकि सितंबर 2025 में इसी प्लांट में एक मजदूर की मौत हो चुकी थी। करीब 11 महीने बाद फिर उसी इकाई में फर्नेस दुर्घटना हुई।
21 अगस्त 2026: मां छिन्नमस्तिका इस्पात में तीन इंजीनियरों की मौत
अब नया मामला रामगढ़ के बरकाकाना क्षेत्र के हेहल स्थित मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के कैप्टिव पावर प्लांट में 21अगस्त 2026 की रात भीषण हादसा हुआ।
पावर प्लांट के कंट्रोल रूम में आग लगने के बाद जोरदार धमाका हुआ। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे कर्मचारियों में से तीन इंजीनियरों की इलाज के दौरान मौत हो गई। एक अन्य कर्मचारी घायल बताया गया है।
दूसरी तरफ
आलोक स्टील प्लांट में आशो देवी की मौत बीमारी/सीने में दर्द के बाद इलाज के दौरान हुई थी,
इसी तरह झारखंड इस्पात में जुलाई 2026 में गोपी करमाली की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हुई थी।
रामगढ़ में सिर्फ हादसे नहीं, सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों में
इन घटनाओं से एक बात साफ है रामगढ़ में औद्योगिक दुर्घटनाएं होती गयी लेकिन सुरक्षा मानकों का खयाल नही रखा गया।
अवैध खनन की मौतें अलग हैं
रामगढ़ में औद्योगिक हादसों के अलावा अवैध कोयला खनन में भी मौतों की घटनाएं सामने आई हैं। जुलाई 2025 में कुजू क्षेत्र की करमा परियोजना में अवैध खनन के दौरान चाल धंसने से चार लोगों की मौत की हुई थी।
वहीं केदला की घटना, जिसमें सावन किस्कू की मौत और 6 लोगों के घायल हुए थे , खबर यह है की सभी घायलों की मौत हो गयी
















