धनबाद: जमनिया में चाल धंसने का मामला, सरयू राय ने उठाए गंभीर सवाल, कहा मॉनसून सत्र में विधानसभा में उठाएंगे मामला।
धनबाद: जमनिया में चाल धंसने का मामला, सरयू राय ने उठाए गंभीर सवाल, कहा मॉनसून सत्र में विधानसभा में उठाएंगे मामला।
जमशेदपुर/धनबाद, 24 जुलाई : झारखंड के धनबाद जिले के बाघमारा थाना क्षेत्र के जमनिया में अवैध कोयला खनन के दौरान चाल धंसने की घटना ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए इसे न केवल एक हादसा, बल्कि हत्या का मामला करार दिया है। उन्होंने इस मुद्दे को झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र में उठाने के लिए नोटिस दे दिया है और जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर डोजियर सौंपने की बात कही है।
हादसे का विवरण और गंभीर आरोप
22 जुलाई 2025 की रात को बाघमारा के जमनिया में अवैध कोयला खनन के दौरान चाल धंसने से कम से कम 9 मजदूरों की मौत की खबर है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सरयू राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना की जानकारी देते हुए दावा किया कि खनन माफिया मृतकों के शवों को छिपाने में जुटे हैं। उन्होंने इस हादसे के लिए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), स्थानीय प्रशासन, और धनबाद पुलिस को जिम्मेदार ठहराया।
सरयू राय ने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर ताजा मिट्टी की मोटी परत डालकर हादसे को छिपाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि करीब 100 वर्ग फीट के क्षेत्र में ताजा मिट्टी और पत्थर डाले गए, जो संदेह पैदा करता है कि यह हादसा नहीं, बल्कि जानबूझकर लोगों को जिंदा दफनाने का मामला हो सकता है। राय ने यह भी दावा किया कि खनन माफिया ‘चुनचुन’ के नेतृत्व में प्रभावशाली राजनीतिक संरक्षण में अवैध खनन का धंधा चला रहा है।

प्रशासन और बीसीसीएल पर सवाल
सरयू राय ने बीसीसीएल की भूमिका को संदेह के घेरे में बताया। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल की बंद खदानों में माइनिंग क्लोजर नहीं किया गया, जिसके कारण अवैध खनन की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि धनबाद में ही स्थित महानिदेशक (खदान सुरक्षा) के कार्यालय ने बीसीसीएल को माइनिंग क्लोजर के लिए नोटिस क्यों नहीं जारी किया।
राय ने धनबाद पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस दबंगों और खनन माफियाओं को संरक्षण दे रही है, जिसके कारण अवैध खनन बेरोकटोक जारी है। एक स्थानीय व्यक्ति, कोई चौहान, ने कोयला लोडिंग के लिए प्रति टन 1600 रुपये की अवैध वसूली की शिकायत की, लेकिन धनबाद पुलिस और बाघमारा थाना ने उनकी FIR दर्ज नहीं की।

एनडीआरएफ की स्थिति और प्रशासन की निष्क्रियता
राय ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम बुधवार से घटनास्थल पर मौजूद है, लेकिन प्रशासन द्वारा हाइड्रा और जेसीबी जैसी मशीनें उपलब्ध नहीं कराई गईं, जिसके कारण बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और बीसीसीएल की उदासीनता के कारण दबे हुए लोगों को निकालने में कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस घटना ने राजनीतिक हलचल को जन्म दिया है। झारखंड कांग्रेस के प्रवक्ता सोनाल शांति ने इसे ‘योजनाबद्ध हत्या’ करार देते हुए बीसीसीएल और केंद्र सरकार की एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बीसीसीएल की लापरवाही को इस हादसे का कारण बताया और प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की। गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने भी घटनास्थल का दौरा किया और शवों को छिपाने के प्रयासों की निंदा की।

सरयू राय की प्रमुख मांगें
सरयू राय ने इस मामले में निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
1. **माइनिंग क्लोजर**: बीसीसीएल अपनी बंद खदानों का माइनिंग क्लोजर करे।
2. **डीजी (माइंस सेफ्टी) की जवाबदेही**: यह स्पष्ट करें कि अब तक माइनिंग क्लोजर क्यों नहीं हुआ।
3. **कोक भट्ठों की जांच**: धनबाद में चल रहे कोक भट्ठों, उनमें उपयोग होने वाले कोयले के स्रोत, और उत्पादित कोक की मात्रा की जांच हो।
4. **मजदूरों की मजदूरी**: आउटसोर्सिंग खदानों में डिलीवरी ऑर्डर के आधार पर कोयला लादने वाले मजदूरों की मजदूरी उनके बैंक खातों में भेजी जाए।
5. **प्रशासन की भूमिका की जांच**: बीसीसीएल प्रबंधन, सीआईएसएफ, धनबाद पुलिस, और जिला प्रशासन की भूमिका की जांच हो।
6. **सूचनाओं का खुलासा**: पुलिस की विशेष शाखा द्वारा अवैध कोयला खनन और व्यापार के बारे में भेजी गई सूचनाओं को सार्वजनिक किया जाए।
धनबाद की यह घटना 1995 के गजलीटांड कोलियरी हादसे की याद दिलाती है, जब बीसीसीएल की खदान में पानी भरने से 64 कोलकर्मियों की मौत हो गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि बंद खदानों की अनदेखी और माइनिंग क्लोजर की कमी के कारण अवैध खनन को बढ़ावा मिलता है। बारिश के कारण मिट्टी के गीले होने से भी इस तरह के हादसे बढ़ते हैं।
जाहिर है इस हादसे ने एक बार फिर अवैध कोयला खनन और प्रशासनिक लापरवाही के मुद्दे को उजागर किया है। सरयू राय ने इस मामले को विधानसभा में उठाने और केंद्रीय नेतृत्व तक ले जाने का संकल्प लिया है।
धनबाद में अवैध खनन के इस काले सच ने न केवल मजदूरों की जान को खतरे में डाला है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और बीसीसीएल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में जांच और कार्रवाई का इंतजार है, जो यह तय करेगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

















