Jharkhand: Technical glitches stall honorarium of NHM workers and health assistants

झारखंड: तकनीकी खामियों से एनएचएम कर्मियों और स्वास्थ्य सहियाओं का मानदेय अटका, हजारों परिवारों के सामने आर्थिक संकट

Jharkhand: Technical glitches stall honorarium of NHM workers and health assistants

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रांची: झारखंड में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत करीब 15.5 हजार अनुबंध कर्मियों और 42.5 हजार स्वास्थ्य सहियाओं का पिछले कई महीनों से मानदेय (Honorarium) भुगतान नहीं हो पाया है। राज्य में बजट आवंटन के बावजूद भुगतान में आ रही इस देरी ने स्वास्थ्य व्यवस्था में कार्यरत इन हजारों कर्मियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जून माह में बजट आवंटन और जिलों को राशि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। इसके बावजूद, कर्मियों को भुगतान नहीं मिल सका है। मिली जानकारी के अनुसार, राज्य स्तर के कर्मियों को तीन महीने से अधिक और जिला स्तर के कर्मियों को पिछले चार से पांच महीनों से मानदेय या प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं हुआ है।

डिजिटल पेमेंट सिस्टम बना बाधा

इस लेटलतीफी का मुख्य कारण सरकार द्वारा लागू की गई नई डिजिटल भुगतान प्रणालियां—’ई-वाउचर’ और ‘एसएनए स्पर्श’ (SNA Sparsh) प्लेटफॉर्म का तकनीकी रूप से विफल होना बताया जा रहा है।

तकनीकी विसंगतियां: डीडीओ (DDO) के लॉगिन में डेटा प्रदर्शित नहीं हो रहा है, जिससे बिल पास करने में दिक्कतें आ रही हैं।

पीएफएमएस (PFMS) का फेलियर: एसएनए स्पर्श प्लेटफॉर्म के जरिए आधार-आधारित डीबीटी भुगतान प्रणाली में तकनीकी त्रुटियों के कारण पीएफएमएस से डेटा फेच नहीं हो पा रहा है।

पेपरलेस प्रक्रिया की चुनौती: वित्त विभाग के निर्देशों के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में सभी भुगतान ई-साइन के माध्यम से पेपरलेस होने हैं, लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था धरातल पर पूरी तरह चरमरा गई है।

समाधान की ओर टकटकी

एनएचएम निदेशक (वित्त) ने हाल ही में सभी जिलों के साथ समीक्षा बैठक की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। विशेषज्ञ जानकारों का मानना है कि जब तक तकनीकी खामियां पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जातीं, विभाग को विशेष अनुमोदन देकर मैन्युअल बिल प्रक्रिया के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।

राज्य के हजारों फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मी अब सरकार से इस दिशा में त्वरित हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें समय पर उनका मानदेय मिल सके।

Also Read :

साहिबगंज पेंशन घोटाला: बोरियो-बरहेट में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार, हजारों लाभार्थियों का भुगतान अटका

झारखंड कृषि व्यापार मेला-2026 का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ, किसानों से आधुनिक तकनीक और जल संरक्षण अपनाने की अपील

राज्यसभा चुनाव : JMM का दावा उनके पास 56 नही बल्कि 61 विधायको का आंकड़ा है

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now