पहले गिरफ्तारी पर रोक से किया था इनकार
पहले गिरफ्तारी पर रोक से किया था इनकार
इससे पहले हुई सुनवाई में अदालत ने केस डायरी तलब करते हुए तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। एमपी-एमएलए विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान वरीय अधिवक्ता शाहनवाज ने जयराम महतो समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने और अग्रिम जमानत देने की मांग की थी। वहीं, अपर लोक अभियोजक सतेंद्र नाथ राय ने अग्रिम जमानत का विरोध किया था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस से केस डायरी मांगी थी।
थाना प्रभारी के बयान पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामले की शुरुआत बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर दर्ज प्राथमिकी से हुई थी। प्राथमिकी में विधायक जयराम महतो, सुशील मंडल समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। इसके बाद जयराम महतो समेत अन्य आरोपियों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। बाद में मामले को सुनवाई के लिए एमपी-एमएलए विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया।
ऑडियो विवाद के बाद बढ़ा था मामला
बरवाअड्डा थाना प्रभारी और विधायक जयराम महतो के बीच कथित बातचीत का एक ऑडियो सामने आने के बाद भी यह मामला चर्चा में रहा था। जयराम महतो ने ऑडियो की प्रामाणिकता और उसके संदर्भ पर सवाल उठाते हुए कहा था कि थाना प्रभारी से उनकी करीब 11 मिनट बातचीत हुई थी, जबकि सार्वजनिक किया गया ऑडियो करीब दो मिनट का था।
इसी विवाद के बीच थाना प्रभारी के बयान पर विधायक समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके अलावा मुखिया के बेटे की शिकायत पर भी जयराम महतो समेत अन्य के खिलाफ अलग प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई थी।
पुलिस एसोसिएशन ने भी उठाया था मामला
मामले को झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने भी उठाया था। एसोसिएशन ने आठ सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की थी। हालांकि झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन के बाद राज्य में शोक की स्थिति को देखते हुए पुलिस एसोसिएशन ने प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
फिलहाल अदालत से अग्रिम जमानत मिलने के बाद जयराम महतो को इस मामले में तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है।

















