हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हमला: 15 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित, 4 घायल
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक हॉर्मुज जलडमरूमध्य में रविवार को एक तेल टैंकर पर हमला हुआ है। ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप के पास स्थित इस घटना ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया है। हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह क्षेत्र से होकर दुनिया का लगभग 20% तेल निर्यात होता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ओमान की मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर के अनुसार, पलाउ झंडे वाला तेल टैंकर स्काईलाइट (Skylight) पर हमला हुआ, जो खासब पोर्ट से लगभग 5 नॉटिकल मील उत्तर में हुआ। जहाज पर कुल 20 लोग सवार थे, जिनमें 15 भारतीय नागरिक और 5 ईरानी नागरिक शामिल थे। शुरुआती रिपोर्ट्स में हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जो अमेरिका-इजरायल के हालिया हमलों के जवाब में क्षेत्रीय तनाव बढ़ा रहा है। हमले से जहाज में आग लग गई और 4 चालक दल के सदस्यों को विभिन्न स्तर की चोटें आईं।
ओमान की समुद्री सुरक्षा एजेंसियों, सेना और नागरिक एजेंसियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सभी 20 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया और घायलों को इलाज के लिए ट्रांसफर कर दिया गया। फिलहाल जहाज को सुरक्षित क्षेत्र में ले जाया गया है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार भी नजर बनाए हुए है।
यह हमला हॉर्मुज जलडमरूमध्य में पहला बड़ा समुद्री हमला माना जा रहा है, जो ईरान द्वारा जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन के लिए बंद करने की घोषणा के ठीक बाद हुआ। कई शिपिंग कंपनियां अब इस मार्ग से जहाजों को वापस ले रही हैं, जिससे तेल की कीमतों में उछाल आने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तनाव जारी रहा तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर गहरा असर पड़ सकता है।

















