JSSC-CGL पेपर लीक मामले में CBI जांच की मांग, बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

रांची : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने JSSC-CGL परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग दोहराई है। उन्होंने राज्य सरकार पर छात्रों को न्याय से वंचित रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि JSSC-CGL परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली और पेपर लीक की घटना को दबाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके करीबी अधिकारियों ने हर संभव हथकंडा अपनाया। लेकिन अब अदालत में इनकी सारी करतूतें उजागर हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आधी रात को इंटरनेट बंद करना, लाखों रुपये के लेन-देन के सबूत मिलना और बिना किसी ठोस जांच के आयोग को क्लीन चिट देना इस पूरे षड्यंत्र की ओर इशारा करता है। पेपर लीक का सीधा संबंध मुख्यमंत्री के करीबी लोगों से लेकर नेपाल तक सक्रिय दलालों से जुड़ा हुआ है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा CID जांच के नाम पर केवल लीपापोती की जा रही है और न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने व्यंग्य भरे लहजे में कहा, “यह जगजाहिर है कि आजकल CID कैसा और क्या काम करती है? लेकिन अब तो हाईकोर्ट ने भी मुहर लगा दी है कि CID का काम ठीक नहीं है।”
बाबूलाल मरांडी ने जोर देकर कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए CBI जांच ही अंतिम विकल्प बचा है। चाहे साजिशकर्ता कितने ही ताकतवर क्यों न हों, उनके पापों का हिसाब जरूर होगा। उन्होंने बेरोजगार युवाओं के संघर्ष को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “छात्रों का संघर्ष जरूर सफल होगा।”
यह मांग JSSC-CGL परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक के खिलाफ छात्र संगठनों के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच आ रही है। भाजपा नेता ने सरकार से तत्काल CBI जांच की सिफारिश करने की अपील की है, ताकि बेरोजगार युवाओं को न्याय मिल सके।

















