बोकारो: ठेका कर्मी जयंत सिंह का अपहरण के बाद हत्या, गिरिडीह के जंगल में मिला शव; मुख्य आरोपी समेत 6 गिरफ्तार
बोकारो: ठेका कर्मी जयंत सिंह का अपहरण के बाद हत्या, गिरिडीह के जंगल में मिला शव; मुख्य आरोपी समेत 6 गिरफ्तार
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बोकारो, 16 दिसंबर : झारखंड के बोकारो जिले में एक सनसनीखेज वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है। हरला थाना क्षेत्र के सेक्टर-8A निवासी ठेका कर्मी जयंत कुमार सिंह का 10 दिसंबर की रात अपहरण कर लिया गया था, जिसके बाद उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र स्थित जलेबियाघाटी (जिलेबिया घाटी) की एक गहरी खाई से उनका शव बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, जयंत सिंह (उम्र करीब 38 वर्ष) बोकारो स्टील प्लांट में ठेका कर्मी के रूप में कार्यरत थे। 10 दिसंबर की रात करीब 10 बजे उन्हें भागलपुर मोड़ से अगवा कर लिया गया। जयंत की पत्नी अमृता सिंह ने 11 दिसंबर को हरला थाने में FIR दर्ज कराई थी (कांड संख्या 185/2025), जिसमें मुख्य आरोपी विनोद कुमार उर्फ विनोद खोपड़ी, मुकेश राय और अन्य को नामजद किया गया था।मामले की गंभीरता को देखते हुए बोकारो पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी विनोद खोपड़ी ओडिशा में छिपा हुआ है। 14 दिसंबर को पुलिस टीम ने भुवनेश्वर के एक होटल से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में विनोद ने हत्या कबूल कर ली और बताया कि अपहरण के बाद जयंत के साथ मारपीट की गई, फिर हत्या कर शव को गिरिडीह के जंगल में फेंक दिया गया।15 दिसंबर को विनोद की निशानदेही पर बोकारो पुलिस की टीम गिरिडीह पहुंची। गिरिडीह पुलिस के सहयोग से पीरटांड़ थाना क्षेत्र की जलेबियाघाटी में छानबीन की गई, जहां एक खाई से जयंत का शव बरामद हुआ। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
सिटी डीएसपी आलोक रंजन ने बताया कि मुख्य आरोपी विनोद खोपड़ी समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश और छापेमारी जारी है।विवाद की वजह: स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जयंत सिंह और विनोद खोपड़ी के बीच वाहन खरीद-बिक्री तथा इलाके में वर्चस्व को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। फोन पर बात बिगड़ने के बाद यह अपहरण और हत्या तक पहुंच गया।पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। इलाके में वारदात के बाद दहशत का माहौल है। परिजनों में गुस्सा और शोक की लहर है।

















