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झारखंड में बड़ी कार्रवाई: बोकारो का पूरा थाना सस्पेंड, 28 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज; जानें क्या है पूरा मामला

झारखंड में बड़ी कार्रवाई: बोकारो का पूरा थाना सस्पेंड, 28 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज; जानें क्या है पूरा मामला

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Bokaro Police Suspend, Pindrajora Thana, Jharkhand Police History, Pushpa Murder Case,

झारखंड के बोकारो में पिण्ड्राजोरा थाना के सभी 28 पुलिसकर्मी सस्पेंड। हत्या के आरोपी से सांठगांठ और भ्रष्टाचार का आरोप। हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद हुआ 8 महीने पुराने केस का खुलासा।

बोकारो: झारखंड पुलिस के इतिहास में संभवतः यह पहली बार हुआ है जब किसी एक थाने के सभी पुलिसकर्मियों को एक साथ निलंबित कर दिया गया हो। बोकारो एसपी ने शनिवार देर रात एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए  पिण्ड्राजोरा थाना  के थाना प्रभारी समेत सभी  28 पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

निलंबित होने वालों में  10 सब-इंस्पेक्टर, 5 असिस्टेंट सब-इस्पेक्टर, 2 हवलदार और 11 सिपाही** शामिल हैं। इन सभी पर अपराधियों के साथ सांठगांठ करने, जांच में लापरवाही बरतने और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं।

8 महीने बाद मिला पुष्पा का नरकंकाल

यह पूरा मामला 24 जुलाई 2025 से शुरू हुआ था, जब ग्राम खुंटाडीह की रहने वाली 18 वर्षीय नपुष्पा कुमारी महतो  लापता हो गई थी। पुष्पा की मां रेखा देवी ने थाने के कई चक्कर लगाए, लेकिन पुलिस की संवेदनहीनता का आलम यह था कि एफआईआर दर्ज करने में ही  10 दिन लग गए।
मां बार-बार अपने पड़ोसी दिनेश महतो पर शक जताती रही, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाने के बजाय मामले को दबाए रखा।

पुलिस और अपराधियों की ‘पार्टी’ का खुलासा

जब मामला झारखंड हाई कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने डीजीपी को तलब किया, तब प्रशासन हरकत में आया। जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए:

सांठगांठ: पहली SIT टीम और थाना पुलिस पर अभियुक्तों को बचाने का आरोप लगा।
भ्रष्टाचार:  जांच के दौरान पाया गया कि पुलिसकर्मी अभियुक्तों के साथ पार्टियां मना रहे थे और केस रफा-दफा करने के लिए पैसों का लेन-देन किया गया था।
गोपनीयता भंग: थाने की गोपनीय सूचनाएं भी अभियुक्तों तक पहुंचाई जा रही थीं।

नई SIT ने चंद घंटों में सुलझाया केस

हाई कोर्ट की फटकार के बाद सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में दूसरी SIT का गठन किया गया। इस टीम ने महज कुछ ही घंटों में वह कर दिखाया जो पिण्ड्राजोरा पुलिस 8 महीनों में नहीं कर पाई:
1. मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।
2. उसकी निशानदेही पर मधु टांड़ के जंगल से मृतका की 19 हड्डियां (नरकंकाल)  बरामद की गईं।
3. हत्या में इस्तेमाल चाकू, कपड़े और मोबाइल भी बरामद कर लिया गया।

एसपी की कड़ी चेतावनी: बर्खास्तगी भी संभव

बोकारो एसपी ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट कहा कि पुलिसकर्मियों ने जानबूझकर केस को कमजोर किया ताकि अभियुक्तों को लाभ मिल सके। उन्होंने संकेत दिया कि निलंबन तो महज शुरुआत है, दोषी पुलिसकर्मियों की सेवा से बर्खास्तगी के लिए भी अग्रतर कार्रवाई की जाएगी।

जाहिर है यह घटना दिखाती है कि जब रक्षक ही भक्षक के साथ मिल जाएं, तो न्याय के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है। बोकारो एसपी की इस कार्रवाई ने पूरे महकमे को सख्त संदेश दिया है।

 

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