केंद्रीय बजट 2026 में बिहार को मिली बड़ी सौगात; पटना बनेगा जहाजों का ‘हॉस्पिटल’-शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित होगा
नई दिल्ली/पटना : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए बिहार के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें सबसे चर्चित है पटना में शिप रिपेयरिंग सेंटर (शिप रिपेयर इकोसिस्टम) की स्थापना।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्पष्ट रूप से कहा कि वाराणसी और पटना में अंतर्देशीय जलमार्गों (इनलैंड वॉटरवेज) के लिए एक आधुनिक शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य गंगा सहित अन्य नदियों के जलमार्गों से माल ढुलाई को बढ़ावा देना, लॉजिस्टिक्स लागत कम करना और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को मजबूत बनाना है।
पटना में यह सेंटर स्थापित होने से जहाजों की मरम्मत, मेंटेनेंस और संबंधित तकनीकी कार्यों के लिए हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही वाटरवेज से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
सरकार ने अगले 5 वर्षों में 20 नए नेशनल वॉटरवेज को चालू करने की घोषणा की है। पटना-वाराणसी क्षेत्र को वाटरवेज हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे पूर्वी भारत में माल परिवहन की क्षमता बढ़ेगी। गंगा के रास्ते सस्ती और तेज ढुलाई से बिहार के व्यापार, कृषि उत्पादों और उद्योगों को फायदा होगा। लॉजिस्टिक्स खर्च में कमी से सामान सस्ता होगा और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
यह घोषणा बिहार के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट के रूप में देखी जा रही है। पटना अब सिर्फ प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि अंतर्देशीय जल परिवहन का तकनीकी केंद्र भी बनने जा रहा है। साथ ही बजट में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (जैसे वाराणसी-सिलीगुड़ी) और अन्य प्रोजेक्ट्स से भी बिहार को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

















