बजट 2026-27: बजट से कौन गदगद, किसका हाथ खाली, क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा? जानिए पूरी डिटेल

बजट 2026-27: बजट से कौन गदगद, किसका हाथ खाली, क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा? जानिए पूरी डिटेल

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। यह उनका नौवां बजट है, जिसे सरकार ने युवाओं (युवाशक्ति) को समर्पित किया है। बजट में तीन प्रमुख कर्तव्य घोषित किए गए हैं, जिसमें एक लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना है। इसी भावना के साथ कई सेक्टर्स में राहत दी गई है, जिससे मिडिल क्लास और युवाओं की जेब पर बोझ कम होगा। वहीं कुछ लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं पर टैक्स बढ़ा है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

सस्ता होने वाली प्रमुख चीजें (राहत वाली घोषणाएं)

विदेश में पढ़ाई और रेमिटेंस आसान : LRS के तहत शिक्षा और मेडिकल खर्चों के लिए TCS रेट 5% से घटाकर 2% कर दिया गया। शिक्षा लोन पर रेमिटेंस पूरी तरह TCS-फ्री। कई स्रोतों के अनुसार, पहले की ₹10 लाख टैक्स-फ्री लिमिट अब और प्रभावी राहत देगी, जिससे विदेशी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई सस्ती और आसान हो गई।

दवाइयां और इलाज में राहत : बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत ₹10,000 करोड़ का प्रावधान। कैंसर और अन्य बीमारियों की 17 दवाइयों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट। 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं के पर्सनल इंपोर्ट पर ड्यूटी छूट। इससे मरीजों का इलाज खर्च कम होगा।

खेल का सामान सस्ता : खेलो इंडिया को मजबूत करने के लिए स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट। बैट, बॉल, फिटनेस गियर जैसे सामान सस्ते मिलेंगे, क्योंकि एसएमई और मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट।

चमड़ा उत्पाद सस्ते : लेदर इंडस्ट्री के कच्चे माल पर ड्यूटी छूट से जूते, बेल्ट, बैग्स आदि सस्ते होंगे। निर्यात बढ़ेगा और घरेलू बाजार में कीमतें कम।

मोबाइल, टैबलेट और ईवी सस्ते : लिथियम-आयन बैटरी सेल मैन्युफैक्चरिंग के लिए कैपिटल गुड्स पर कस्टम ड्यूटी छूट जारी। इससे फोन, टैबलेट और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की कीमतें घटने की उम्मीद।

अन्य राहतें :
– माइक्रोवेव ओवन सस्ते।
– सोलर पैनल और सोलर ग्लास पर ड्यूटी छूट।
– इंपोर्टेड लकड़ी के प्रोडक्ट्स सस्ते।
– भारतीय मछुआरों को EEZ में कैच पर कस्टम ड्यूटी नहीं, सीफूड सस्ता हो सकता है।
– सहकारी समितियों के सदस्यों (कपास बीज, पशु चारा) को टैक्स छूट बढ़ी।

महंगा होने वाली चीजों में शराब, सिगरेट और पान मसाला, एक्साइज ड्यूटी और सिं सेस में बढ़ोतरी। इससे इनकी कीमतें बढ़ेंगी और जेब पर बोझ बढ़ेगा। इसके अलावा कुछ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन जैसे फ्यूचर्स पर STT बढ़ा, लेकिन आम आदमी पर सीधा असर कम।

यह बजट युवाओं की आकांक्षाओं, ग्लोबल एजुकेशन, हेल्थकेयर और मेक इन इंडिया पर फोकस्ड है। मिडिल क्लास को विदेशी पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा के सामान पर बड़ी राहत मिली है, जबकि हानिकारक आदतों पर टैक्स बढ़ाकर संतुलन बनाया गया।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now